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Kangra News: दलाईलामा बोले- लोकतांत्रिक देश भारत में बेहद स्थायित्व
Mon, 23 Jan 2023 09:52 PM IST
Krishan Singh
अमर उजाला ब्यूरो, धर्मशाला
अमर उजाला ब्यूरो, धर्मशाला
Published by: Krishan Singh
Updated Mon, 23 Jan 2023 09:52 PM IST
सार
दलाईलामा एक महीने से अधिक दिल्ली और बौधगया की यात्रा कर सोमवार सुबह करीब 11:00 बजे गगल हवाई अड्डे पर पहुंचे। सुबह से कतारबद्ध तिब्बती और विदेशी अनुयायियों ने उनका स्वागत किया।
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तिब्बती आध्यात्मिक गुरु दलाईलामा
- फोटो : संवाद
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विस्तार
तिब्बती आध्यात्मिक गुरु दलाईलामा ने गगल हवाई अड्डे पर पत्रकारों से बातचीत में कहा कि लोकतांत्रिक देश भारत में बेहद स्थायित्व है। यहां के लोगों के संपूर्ण विकास के लिए यह उचित है। वह एक महीने से अधिक समय की बोधगया यात्रा पर रहे। इस दौरान भारत के हजारों वर्ष से अहिंसा के संदेश को आगे बढ़ाने वाले लोगों से मुलाकात की। बौद्ध अनुयायी होने के नाते अहिंसा के इस संदेश को प्रचारित-प्रसारित करना मेरा परम कर्तव्य है।
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दलाईलामा एक महीने से अधिक दिल्ली और बौधगया की यात्रा कर सोमवार सुबह करीब 11:00 बजे गगल हवाई अड्डे पर पहुंचे। सुबह से कतारबद्ध तिब्बती और विदेशी अनुयायियों ने उनका स्वागत किया। कड़ी सुुरक्षा के बीच सड़क मार्ग से दलाईलामा अपने मैक्लोडगंज स्थित आवास पर पहुंचे। 19 दिसंबर को दलाईलामा धर्मशाला से दिल्ली के लिए रवाना हुए थे। इसके बाद धार्मिक उपदेश के लिए बोधगया गए थे। चार दिन पहले दलाईलामा बोधगया से दिल्ली पहुंचे थे।
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मैक्लोडगंज पहुंचकर दुनिया को दिया शांति का संदेश
मैक्लोडगंज स्थित आवास पहुंचकर दलाईलामा ने आधिकारिक खाते से ट्वीट कर शांति का संदेश दिया। दोपहर बाद किए ट्वीट में उन्होंने लिखा कि स्वयं के भीतर संयम, सहिष्णुता, दया, क्षमादान, संतोष और आत्मानुशासन जैसे गुणों को विकसित करना जरूरी है। ये आंतरिक मूल्य हमें कठिन परिस्थितियों में शांत रहने में मदद करते हैं। ये मूल्य क्रोध, घृणा और द्वेष जैसे नकारात्मक भावों से भी हमें दूर रखते हैं।
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