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'चीनी राष्ट्रपति से तिब्बत मसला उठाएं मोदी'

Thu, 18 Sep 2014 11:55 PM IST
Updated Thu, 18 Sep 2014 11:55 PM IST
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Tibet china conflict.

चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच वार्ता पर मैकलोडगंज स्थित निर्वासित तिब्बत सरकार की नजरें टिकी हुई हैं। निर्वासित तिब्बत सरकार ने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मांग की है कि चीनी राष्ट्रपति के साथ वार्ता के दौरान वे सीमा मुद्दा के साथ तिब्बत का मसला जरूर उठाएं।

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निर्वासित तिब्बत सरकार के सूचना अधिकारी व प्रवक्ता टाशी फुंचोक का कहना है कि भारत और चीन के बीच बेहतर संबंधों का निर्वासित सरकार स्वागत करती है। तिब्बत मसला भारत और चीन के लिए अति महत्वपूर्ण है। जिनपिंग के भारत दौरे के दौरान तिब्बत मसले पर गंभीरता से पूर्ण विचार किया जाना चाहिए।

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भारत और चीन के संबंधों में सुधार का किया स्वागत

Tibet china conflict.

मैकलोडगंज में निर्वासित तिब्बत सरकार के प्रधानमंत्री डॉ. लोबसंग सांग्ये ने बुधवार को संसद में संबोधन के दौरान चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के भारत दौरे पर अपनी आशावादी सोच जाहिर की। उन्होंने कहा कि भारत और चीन दोनों देशों के बीच सीमा विवाद सुलझाने के लिए तिब्बत चाबी का काम कर सकता है।

हम यह मानते हैं कि चीन और भारत के मजबूत संबंध तिब्बत मसले के लिए फायदेमंद होंगे। उन्होंने चीनी राष्ट्रपति से मांग की कि तिब्बती लोगों पर लगाए गए प्रतिबंध हटाए जाएं। उन्हें चीन सरकार में निहित संवैधानिक अधिकार दिए जाएं। शी जिनपिंग मिडल वे अपरोच का मार्ग अपनाकर तिब्बत समस्या का हल निकालें। वहीं तिब्बतियन वुमेन एसोसिएशन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मांग की है कि वह चीनी राष्ट्रपति के समक्ष तिब्बत का मसला जरूर उठाएं।

तिब्बत यूथ कांग्रेस ने किया विरोध-प्रदर्शन

Tibet china conflict.

तिब्बत यूथ कांग्रेस ने दिल्ली में चीनी राष्ट्रपति के विरोध में प्रदर्शन किया। विरोध के दौरान टीवाईसी के कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी कर तिब्बत की आजादी का मसला उठाया। विरोध कर रहे आरटीवाईसी रोहिनी चैप्टर के 10 टीवाईसी एक्टिविस्ट को गिरफ्तार कर लिया गया।

इनको चाणक्यपुरी पुलिस स्टेशन में रखा गया है। टीवाईसी के अध्यक्ष तेंजिंग जिग्मे का कहना है कि चीन सरकार को उसकी सख्त नीतियों की गंभीरता से समीक्षा करनी चाहिए। जब तक तिब्बत मसला हल नहीं हो जाता हम आजादी के लिए संघर्ष करते रहेंगे।

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