गंदे पानी के गड्ढे में डूबने से तीन वर्ष के मासूम की दर्दनाक मौत
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हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले के पांवटा साहिब की ग्राम पंचायत अमरकोट में गंदे पानी के गड्ढे में डूबने से तीन वर्ष के मासूम की दर्दनाक मौत हो गई। हालांकि, गड्ढे से निकालकर उसे तुरंत पांवटा अस्पताल पहुंचाया गया लेकिन, तब तक देर हो चुकी थी। अस्पताल में चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर घटना स्थल का जायजा लिया। मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के मुताबिक ग्राम पंचायत अमरकोट के प्रधान राकेश महरालू ने कहा कि करीब दो सप्ताह पहले ही उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले के रघुनाथपुर से मजदूर एहसान अली का परिवार पांवटा पहुंचा है। दंपती की चार बेटियां और दो बेटे हैं।
परिवार ग्राम पंचायत के वार्ड सदस्य वाहिद अली के मकान में किराये पर रह रहा था। एहसान की पत्नी समीना एक औद्योगिक इकाई में काम करती हैं। सोमवार को महिला काम पर निकली थी। घर में एहसान ने सबसे छोटे बेटे फरमान (3) को दोपहर के समय नहलाया और इसके बाद खुद कमरे में चला गया।
दस मिनट तक बच्चे की कोई आवाज नहीं सुनाई दी तो वह फरमान को तलाशने बाहर निकले। आसपास पड़ोस में पता किया। इसके बाद पड़ोसियों के साथ उन्होंने समीप ही बने गंदे पानी के गड्ढे (शॉकपिट) में देखा। फरमान गड्ड़े में औंधे मुंह गिरा हुआ मिला। उसे तुरंत पांवटा अस्पताल में पहुंचाया गया। पांवटा अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सक कमाल पाशा ने कहा कि अस्पताल पहुंचने से पहले ही तीन वर्षीय बच्चे ने दम तोड़ दिया था।
सूचना मिलने पर पांवटा पुलिस की टीम मौके पर रवाना हो गई। मौके पर गंदे पानी के लिए खुले में तीन फीट का गड्ढा बनाया गया था, जिसको ऊपर से ढका नहीं गया था। इसमें गिर कर मासूम बच्चे की मौत हो गई। उधर, डीएसपी पांवटा सोमदत्त ने मामले की पुष्टि की है। डीएसपी ने कहा कि मामला दर्ज कर जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम के बाद फरमान (3) का शव परिजनों को सौंप दिया गया है। पुलिस जांच टीम मौके पर भेज दी गई है।