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Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Himachal Pradesh: Interim relief for state govt in tender dispute; Supreme Court stays High Court's order.

हिमाचल प्रदेश: टेंडर विवाद में राज्य सरकार को अंतरिम राहत, हाईकोर्ट के फैसले पर सुप्रीम कोर्ट की रोक

Wed, 26 Aug 2026 05:45 AM IST
Krishan Singh संवाद न्यूज एजेंसी, शिमला।
संवाद न्यूज एजेंसी, शिमला। Published by: Krishan Singh Updated Wed, 26 Aug 2026 05:45 AM IST
सार

न्यायमूर्ति दीपांकर दत्ता और न्यायमूर्ति शील नागू की पीठ ने सुनवाई के बाद नोटिस जारी करते हुए स्पष्ट आदेश जारी किया है कि अगले आदेश तक 1 जुलाई, 2026 के आक्षेपित निर्णय व आदेश के पैराग्राफ 21 में दिए गए निर्देशों पर रोक रहेगी।

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Himachal Pradesh: Interim relief for state govt in tender dispute; Supreme Court stays High Court's order.
सुप्रीम कोर्ट। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

सर्वोच्च न्यायालय ने हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट के उस फैसले पर अंतरिम रोक लगा दी है जिसके तहत राज्य सरकार को क्यूब कंस्ट्रक्शन इंजीनियरिंग की बची हुई वित्तीय बोलियां खोलने और टेंडर आवंटित करने का आदेश दिया गया था। न्यायमूर्ति दीपांकर दत्ता और न्यायमूर्ति शील नागू की पीठ ने सुनवाई के बाद नोटिस जारी करते हुए स्पष्ट आदेश जारी किया है कि अगले आदेश तक 1 जुलाई, 2026 के आक्षेपित निर्णय व आदेश के पैराग्राफ 21 में दिए गए निर्देशों पर रोक रहेगी।

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प्रदेश सरकार ने हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ शीर्ष अदालत में एसएलपी दायर की है।अगली सुनवाई तक इस मामले में टेंडर प्रक्रिया यथास्थिति में रहेगी। गौरतलब है कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना चार के तहत जिला चंबा में सड़कों के निर्माण के लिए 33 पैकेजों के टेंडर आमंत्रित किए गए थे। याचिकाकर्ता क्यूब कंस्ट्रक्शन ने 11 पैकेजों में बोली लगाई थी। शुरुआत में तकनीकी खराबी और जॉइंट वेंचर के भ्रम के कारण 4 पैकेजों की बोलियां खारिज कर दी गई थीं।
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बाद में कमेटी की ओर से सुधार किए जाने पर ठेकेदार को दोबारा ईएमडी जमा कराने को कहा गया। ठेकेदार ने 3 पैकेजों में ईएमडी जमा कराई, जबकि 1 पैकेज का एफडीआर गुम होने के कारण ईएमडी जमा नहीं कराई। इसके बावजूद, विभाग ने उसे एचपी-02-29 में भी एल-1 घोषित कर दिया और बहाना बनाकर अन्य तीन पैकेजों की वित्तीय बोलियां खोलने से मना कर दिया था। हाईकोर्ट की खंडपीठ ने अपने निर्णय में स्पष्ट किया कि विभाग की ओर से टेंडर शर्तों का पालन करने के बजाय उनका उल्लंघन किया गया है। इसलिए अदालत ने आदेश दिए थे कि याचिकाकर्ता की तीन पैकेज संख्या की वित्तीय बोलियां तुरंत खोली जाएं।

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