इस गांव में पेड़ काटने पर लगता है जुर्माना, पर्यावरण दिवस पर रोपे तीन हजार पौधे
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अंतरराष्ट्रीय पर्यावरण दिवस के अवसर पर लाहौल स्पीति के मूलिंग गांव के साथ लगते जंगल में पौधरोपण किया गया। बुधवार को लला मेमे फाउंडेशन, महिला व युवा मंडल मूलिंग, डाइट तांदी, वन विभाग, हिमाचल पथ परिवहन निगम केलांग के संयुक्त तत्वाधान में इसका आयोजन किया।
लाहौल-स्पीति प्रशासन की तरफ से नायब तहसीलदार दौलत ठाकुर ने कार्यक्रम में मुख्यातिथि के तौर पर शिरकत की। इसके चलते लगभग 70 लोगों ने करीब 200 देवदार के पौधे रोपे।
उधर, यंग ड्रूकपा एसोसिएशन ने बेहतर कल के लिए पहल के तहत गरशा ईको फेस्टिवल के तहत देवदार और कायल के करीब तीन हजार पौधे रोपे हैं। मुख्य अतिथि दौलत ठाकुर ने बताया कि आज समाज में पर्यावरण को स्वच्छ रखने के लिए हर एक नागरिक को अपना कर्तव्य निभाना चाहिए।
फाउंडेशन के अध्यक्ष मंगल चंद मनेपा ने बताया कि पौधरोपण व स्वच्छता अभियान का कार्य घाटी में निरंतर चलता रहेगा। कार्यक्रम में डाइट तांदी से प्रताप सिंह, अशोक कुमार, राम लाल, प्रकाश, रविंद्र, खेम चंद व सुमिता ने भाग लिया।
केलांग में गरशा ईको फेस्टिवल का आयोजन
उधर, यंग ड्रूकपा एसोसिएशन की ओर से केलांग में गरशा ईको फेस्टिवल का आयोजन पांच से आठ जून तक मनाया जा रहा है। इसमें पौधरोपण, स्वच्छता अभियान, सांस्कृतिक कार्यक्रम व साइकिल रेस का आयोजन होगा।
इसी कड़ी में बुधवार को ड्रूकपा एसोसिएशन ने वन विभाग, नेहरू युवा केंद्र व हिमालयन परियोजना के संयुक्त तत्वावधान में ग्रामीणों के सहयोग से विभिन्न बौद्ध मठों के साथ लगते वन भूमि में देवदार और कायल के करीब तीन हजार पौधे रोपित किए गए।
एसोसिएशन के अध्यक्ष सोनम जंगपो तथा महासचिव सुशील ने बताया कि आने वाले एक-दो साल में रोहतांग टनल के खुल जाने से पर्यटन गतिविधि बढ़ जाएगी।
मूलिंग गांव के लोग पर्यावरण संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। गांव के साथ लगते जंगल में पेड़ काटने पर पूरी तरह प्रतिबंध है। गांव में पेड़ काटने पर पांच से 10 हजार रुपये जुर्माना लगाया जाता है।