नाइजीरिया में बंधक बनाए कांगड़ा के तीनों युवक आज लौटेंगे वतन
नाइजीरिया में समुद्री लुटेरों की कैद से छूटने के बाद जिला कांगड़ा के तीनों युवक शनिवार दोपहर दिल्ली पहुंच जाएंगे। इसके बाद वे कांगड़ा के लिए रवाना होंगे। रविवार सुबह वे अपने घर पहुंच जाएंगे। तीनों युवक शुक्रवार को नाइजीरिया से अपने वतन के लिए रवाना हो गए हैं।
नाइजीरिया में मर्चेंट नेवी में बतौर ग्रुप कैप्टन नौकरी करने वाले पंचायत सुगनाड़ा से सुशील धीमान के परिवार वालों ने बेटे के स्वागत की तैयारियां कर ली हैं। सुशील के छोटे भाई विनय धीमान ने ‘अमर उजाला’ को बताया कि शनिवार दोपहर तक उनका भाई और उनके साथी पंकज कुमार और अजय कुमार दोपहर तक दिल्ली एयरपोर्ट पर पहुंच जाएंगे।
वह और उनका चचेरा भाई अमित एयरपोर्ट पर सुशील का स्वागत करने के लिए पहुंचेंगे। उसके उपरांत अपनी गाड़ी से ही वे हिमाचल के लिए रवाना हो जाएंगे। सुशील के भाई विनय ने बताया कि वह अपने भाई के स्वागत के लिए आज ही मुंबई से दिल्ली पहुंचे हैं, क्योंकि उनको नाइजीरियाई दूतावास से उनके भाई की फ्लाइट की जानकारी मिली है।
खुशी से फूली नहीं समा रही सुशील की पत्नी
इस खबर को सुनकर उनके पिता और माता ने सुशील के आने की तैयारियां शुरू कर दी हैं। सुशील की पत्नी भी खुशी से फूली नहीं समा रही। माता ने बताया कि वह अपने बेटे के लिए उसके मनपसंद पकवान तैयार कर रही हैं। रविवार सुबह बेटे के घर पहुंचने की खबर ने उन्हें जैसे संजीवनी ही दे दी।
सुशील के पिता रघुवीर ने फिर से एक बार उनके बेटे और उसके सहयोगियों को छुड़वाने के लिए विदेश मंत्री सुषमा स्वराज, केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा, सांसद शांता कुमार और राज्य सरकार के सहयोग का आभार जताया। उन्होंने समाचार पत्र ‘अमर उजाला’ का विशेष रूप से धन्यवाद किया कि उन्होंने उनकी हर पीड़ा को सरकार व जनता तक पहुंचाया।
12 मार्च को आई थी समुद्री लुटेरों की पहली कॉल
समुद्री लुटेरों ने 12 मार्च को सेटेलाइट फोन से सुशील के परिवार वालों को कॉल कर तीनों युवकों के अपहरण की सूचना दी थी। उन्हें छोड़ने के एवज में 11 मिलियन नायरा करेंसी के रूप में फिरौती मांगी थी।
इससे पहले सुशील की 31 जनवरी को परिवार वालों से बातचीत हुई थी। समुद्री लुटेरों ने 24 मार्च को फिर सुशील के परिवार वालों को फोन कर फिरौती न देने पर उन्हें जान से मारने की धमकी दी। लुटेरों ने 26 मार्च तक फिरौती देने का अल्टीमेटम दिया था।