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हिमाचल में बीज उत्पादन, गोदामों के लिए तीन करोड़

Tue, 11 Dec 2018 02:17 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला Updated Tue, 11 Dec 2018 02:17 PM IST
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three crores for Seed production and warehouses in himachal

प्रदेश में बीज उत्पादन और गोदामों के निर्माण को केंद्र सरकार ने तीन करोड़ की राशि जारी की है। केंद्र ने यह धनराशि साल 2018-19 के लिए बीज उपमिशन और पौध सामग्री जुटाने के लिए दी है। केंद्र सरकार ने प्रदेश को धनराशि जारी करने के साथ कड़े दिशा-निर्देश भी जारी किए हैं।

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इनके दायरे में रहकर उप मिशन की राशि खर्च करने के साथ संबंधित एजेंसी को उपयोगिता प्रमाणपत्र तत्काल देना होगा। केंद्र सरकार की एजेंसी खासकर एजी और इंटरनल ऑडिट किसी भी समय प्रोजेक्ट स्थल का दौरा कर सकती है।
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केंद्रीय कृषि मंत्रालय के अवर सचिव अमरेश कुमार झा ने हिमाचल के कृषि विभाग के प्रधान सचिव, सचिव वित्त और सचिव योजना को एक पत्र भी जारी किया है।

इसमें कहा है कि तीन करोड़ की यह धनराशि प्रदेश सरकार को ग्राम पंचायत स्तर पर पांच यूनिट बीज उत्पादन और प्रोसेसिंग कम स्टोर के लिए जारी की गई है। केंद्र ने वर्ष 2018-19 के उप मिशन बीज और पौध सामग्री यह धनराशि बीज उत्पादन ढांचा सुविधा को दी है। 

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अन्य मद पर खर्च नहीं किया जा सकेगा बजट

three crores for Seed production and warehouses in himachal

फंड जारी करने के साथ केंद्र ने नियम और शर्तें भी लगाई हैं। इस राशि को अन्य मद पर खर्च नहीं किया जा सकेगा। सरकार को इन प्रोजेक्टों की तिमाही वित्तीय प्रगति रिपोर्ट भी भेजनी होगी। धनराशि खर्च करने के बाद सरकार को बताना होगा कि राशि कहां खर्च की गई है।

प्रोजेक्ट से संबंधित कोई भी कदम उठाने से पहले केंद्र सरकार से स्वीकृति लेना जरूरी होगा। अवर सचिव झा ने कहा कि कृषि, राज्य सरकार की ग्रांट इन एड, केंद्रीय प्रायोजित स्कीम, केंद्रीय वित्तीय सहायता या हिस्सेदारी, हरित क्रांति और कृषोन्नति योजना, बीज और पौध सामग्री जैसे मदों पर धनराशि व्यय की

जा सकती है। पत्र में कहा है कि सरकार का वित्त विभाग केंद्र से जारी राशि को 15 दिन के भीतर देगा। अगर उपयोगिता प्रमाणपत्र जारी नहीं किया जाता है तो खर्च स्वयत: गलत माना जाएगा। शर्तों और नियमों के अनुसार इस व्यय की गई राशि को वापस करना होगा। 

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