एचएएस के घर, दफ्तर और पत्नी के सरकारी आवास में छापेमारी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
स्टोन क्रशर लगाने की अनुमति को लेकर एक लाख रुपये की घूस मांगने के मामले में गिरफ्तार पूर्व एसडीएम एवं वर्तमान में हमीरपुर तकनीकी विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार एचएस राणा की पत्नी के नालागढ़ में सरकारी आवास पर हमीरपुर विजिलेंस टीम ने बुधवार देर रात छापेमारी की।
वीरवार को विजिलेंस ने विश्वविद्यालय में रजिस्ट्रार के कमरे में जाकर रिकॉर्ड खंगाला। इसके अलावा रजिस्ट्रार के पैतृक घर चंबा और चंडीगढ़ स्थित फ्लैट में भी तलाशी ली। गिरफ्तारी के बाद अब एचएस राणा पर निलंबन की तलवार भी लटक गई है।
उधर, विजिलेंस ने वीरवार दोपहर बाद एचएएस एचएस राणा समेत तीनों आरोपियों को हमीरपुर विशेष सत्र न्यायालय में पेश किया। यहां से तीनों को एक दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा गया है। राणा की पत्नी नालागढ़ में खंड विकास कार्यालय में तैनात हैं।
इन्हें यहां सरकारी आवास आवंटित हुआ है। राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार रोधी ब्यूरो हमीरपुर के डीएसपी बीडी भाटिया ने कहा कि तीनों आरोपियों को एक दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है। उन्होंने बताया कि विजिलेंस हर पहलू की गहनता से जांच कर रही है।
क्या है मामला
हरियाणा के जींद के संदीप दांडा ने पांवटा में स्ट्रोन क्रशर के लिए आवेदन किया था। उस वक्त राणा पांवटा के एसडीएम थे। विभिन्न विभागों की कमेटी ने आवेदन फाइल पर हस्ताक्षर कर दिए, लेकिन एसडीएम के साइन नहीं हो सके।
इसी बीच राणा का तबादला हो गया। इसके बाद साइन करने को आवेदक के संपर्क करने पर राणा ने उसे सुलभ अग्रवाल का नंबर देकर बात करने को कहा। अग्रवाल ने एक लाख रुपये की मांग रखी।
इसके बाद संदीप ने विजिलेंस से शिकायत कर दी। विजिलेंस ने तीन टीमें गठित कर सोमवार का दिन पैसे देने को तय किया, लेकिन सुलभ ने खुद पैसे लेने के बजाय अपने परिचित रितेश बंसल को भेजा।
ब्यूरो ने तय प्लान के हिसाब से बंसल को एक लाख रुपये के साथ रंगे हाथ पकड़ लिया। इस बीच दूसरी टीम ने सुलभ और तीसरी टीम ने चंडीगढ़ में बैठे आरोपी एचएएस अधिकारी राणा को धर दबोचा।