टेक्नोमैक घोटाले में सेवानिवृत्त ईटीओ समेत तीन लोग गिरफ्तार
करीब 6 हजार करोड़ रुपये के इंडियन टेक्नोमैक कंपनी घोटाले में शनिवार को आबकारी एवं कराधान विभाग के एक पूर्व अधिकारी समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया। सीआईडी शिमला की टीम ने ताबड़तोड़ छापामारी के दौरान बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया।
गिरफ्तार किए गए लोगों में टेक्नोमैक कंपनी का एक ठेकेदार और एक कबाड़ी भी शामिल है। इस घोटाले में अब तक नौ लोगों को सीआईडी की टीम गिरफ्तार कर चुकी है।
जानकारी के अनुसार मामले की जांच कर रही सीआईडी की एसआईटी का नेतृत्व कर रहे एसपी संदीप धवल की टीम ने शनिवार को पांवटा के विभिन्न क्षेत्रों में दबिश दी। दबिश में अलग-अलग स्थानों से तीन आरोपियों को दबोचा गया।
गिरफ्तार किए गए आरोपियाें में सेवानिवृत्त ईटीओ टेक चंद पांवटा सर्किल में उस समय तैनात थे, जब संपत्ति अटैच होने के बावजूद कंपनी के परिसर से मशीनें और अन्य सामान चोरी हुआ था। टेक चंद ने ही कंपनी के परिसर में विभाग के चपरासियों को तैनात किया था।
ये था मामला
गिरफ्तार पांवटा निवासी अमित सिंह पर कंपनी से चुराए गए एल्यूमिनियम स्क्रैप को खरीदने का आरोप है, जबकि गिरफ्तार सहारनपुर (यूपी) निवासी सुलेमान पर लोहे और तांबे का स्क्रैप खरीदने का आरोप है।
तीनों आरोपी 19 नवंबर तक पुलिस रिमांड पर रहेंगे। सूत्रों की मानें तो अब आबकारी एवं कराधान विभागीय कुछ अन्य अधिकारी भी टीम के राडार पर हैं।इंडियन टेक्नोमैक कंपनी जहाजों के कलपुर्जे बनाती थी।
प्रबंधन वर्ग पर आरोप है कि प्रदेश सरकार को विभिन्न करों, वैट और एंट्री टैक्स तक की अदायगी ही नहीं की गई। इकाई औद्योगिक पैकेज का लाभ भी लेती रही। टैक्स समेत सभी करीब 6000 करोड़ रुपये का घोटाला सामने आया।
आरोप है कि कंपनी ने प्रदेश सरकार को ही करीब 2200 करोड़ रुपये का चूना लगाया था। कई राज्यों के बैंकों से फर्जी दस्तावेजों से कर्ज लेने और करीब 16 बैंकों के 1600 करोड़ रुपये और 2200 करोड़ रुपये ब्याज राशि हड़पने का आरोप है।