कुल्लू: टनल रिसाव पर परियोजना प्रबंधन के खिलाफ एफआईआर, जांच के लिए कमेटी गठित, पांच दिन में देनी होगी रिपोर्ट
रैला पंचायत के उपप्रधान पराग ठाकुर की शिकायत पर पुलिस ने एनएचपीसी की पार्वती परियोजना-दो के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। शिकायतकर्ता ने टनल से अचानक भारी मात्रा में पानी और मलबा आने के लिए परियोजना को जिम्मेदार ठहराया है।
विस्तार
हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले के सैंज में एनएचपीसी (नेशनल हाइड्रोइलेक्ट्रिक पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड) की पार्वती परियोजना-दो की टनल में हुए रिसाव का मामला अब पुलिस तक पहुंच गया है। रैला पंचायत के उपप्रधान पराग ठाकुर की शिकायत पर पुलिस ने एनएचपीसी की पार्वती परियोजना-दो के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। शिकायतकर्ता ने टनल से अचानक भारी मात्रा में पानी और मलबा आने के लिए परियोजना को जिम्मेदार ठहराया है। उधर, पानी के रिसाव के मामले में प्रशासन ने जांच शुरू कर दी है। उपमंडलाधिकारी बंजार पंकज शर्मा ने घटना के कारणों का पता लगाने और प्रभावित क्षेत्र में हुए नुकसान का आकलन करने के लिए 12 सदस्यीय जांच समिति गठित की है। समिति के अध्यक्ष तहसीलदार सैंज होंगे। प्रशासन ने समिति को पांच दिन में विस्तृत रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए हैं।
आवश्यक उपायों की सिफारिश भी समिति अपनी रिपोर्ट में करेगी
रविवार को एसडीएम ने एनएचपीसी के अधिकारियों और तहसीलदार सैंज के साथ प्रभावित एडिट-5 रैला आरडी-14000 क्षेत्र का संयुक्त निरीक्षण किया। अधिकारियों ने पानी और मलबे के बहाव से प्रभावित मकानों, सड़कों, कृषि-बागवानी भूमि और फसलों का जायजा लिया। प्रभावित क्षेत्र में हुए नुकसान की स्थिति को भी देखा गया। जांच समिति रिसाव के वास्तविक कारणों का पता लगाने के साथ यह भी देखेगी कि घटना के पीछे किसी तरह की तकनीकी खामी तो नहीं थी। इसके अलावा परियोजना में निर्धारित मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) का पालन हुआ या नहीं, इसकी भी जांच की जाएगी। भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए आवश्यक उपायों की सिफारिश भी समिति अपनी रिपोर्ट में करेगी।
12 सदस्यीय समिति में ये अधिकारी
समिति में तहसीलदार सैंज के अलावा एनएचपीसी पार्वती परियोजना चरण-दो और चरण-तीन के महाप्रबंधक, एचपीपीसीएल के महाप्रबंधक, जलशक्ति विभाग और लोक निर्माण विभाग के अधिकारी, कृषि और बागवानी विषय विशेषज्ञ, खंड विकास अधिकारी भुंतर तथा वन और खनन विभाग के अधिकारी शामिल हैं। अलग-अलग विभागों के अधिकारियों को समिति में शामिल किए जाने से नुकसान के तकनीकी और प्रशासनिक दोनों पहलुओं की जांच की जाएगी।
वाल्व हाउस की दीवार फटने की भी चर्चा
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार सुरंग में अत्यधिक पानी आने के बाद वाल्व हाउस की दीवार फटने से पानी का रिसाव हुआ। हालांकि, प्रशासन ने अभी इसे घटना का अंतिम कारण नहीं माना है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही रिसाव के वास्तविक कारण और इसके लिए जिम्मेदार परिस्थितियों की स्पष्ट जानकारी सामने आएगी।
नुकसान का भी बनेगा पूरा आकलन
प्रशासन का फोकस सिर्फ रिसाव के कारणों की जांच तक सीमित नहीं है। समिति प्रभावित क्षेत्र में मकानों, सड़कों, कृषि और बागवानी भूमि तथा फसलों को हुए नुकसान का भी आकलन करेगी। इससे प्रभावित लोगों को हुए नुकसान की वास्तविक स्थिति सामने आने की उम्मीद है। एसडीएम पंकज शर्मा ने बताया कि जांच समिति को पांच दिनों के भीतर विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर एसडीएम कार्यालय बंजार में सौंपने के निर्देश दिए गए हैं।
शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस अब टनल से पानी और मलबा आने के कारणों, डंपिंग साइट की स्थिति और घटना के दौरान अपनाई गई सुरक्षा व्यवस्था समेत विभिन्न पहलुओं की जांच करेगी। घटना में हुए नुकसान का भी आकलन किया जा रहा है।-अभिषेक एस, एसपी कुल्लू