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Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Shimla News ›   Assets worth ₹12.52 crore belonging to drug smugglers seized in Shimla; CM Sukhu lauds the move.

पुलिस ने कसा शिकंजा: शिमला में नशा तस्करों की 12.52 करोड़ की संपत्ति जब्त, सीएम सुक्खू ने की सराहा

Mon, 21 Sep 2026 08:26 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला। Published by: Krishan Singh Updated Mon, 21 Sep 2026 08:26 PM IST
सार

शिमला पुलिस ने 15 एनडीपीएस मामलों में 68 आरोपियों और उनके सहयोगियों से जुड़ी 12.52 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की संपत्तियां जब्त की हैं। इनमें मादक पदार्थों की तस्करी से अर्जित धन से अवैध रूप से खरीदी गई करीब 4.13 करोड़ रुपये की संपत्तियों की पहचान कर उन्हें जब्त करने की कार्रवाई भी शामिल है। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने शिमला पुलिस की इस कार्रवाई की सराहना की है।

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Assets worth ₹12.52 crore belonging to drug smugglers seized in Shimla; CM Sukhu lauds the move.
शिमला में 19 आरोपियों की 4.13 करोड़ की संपत्ति की जब्त। - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क

विस्तार

नशे के कारोबार पर शिकंजा कसते हुए वर्ष 2026 में अब तक शिमला पुलिस ने 15 एनडीपीएस मामलों में 68 आरोपियों और उनके सहयोगियों से जुड़ी 12.52 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की संपत्तियां जब्त की हैं। इनमें मादक पदार्थों की तस्करी से अर्जित धन से अवैध रूप से खरीदी गई करीब 4.13 करोड़ रुपये की संपत्तियों की पहचान कर उन्हें जब्त करने की कार्रवाई भी शामिल है। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने शिमला पुलिस की इस कार्रवाई की सराहना की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई केवल तस्करों की गिरफ्तारी और मादक पदार्थों की बरामदगी तक सीमित नहीं होनी चाहिए। ड्रग कारोबार को बढ़ावा देने वाले वित्तीय नेटवर्क को खत्म करना भी उतना ही जरूरी है। इसी दिशा में एनडीपीएस अधिनियम के प्रावधानों के तहत शिमला पुलिस की ओर से की गई वित्तीय जांच और संपत्तियों के खिलाफ कार्रवाई को उन्होंने प्रभावी कदम बताया।

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पुलिस की कार्रवाई का फोकस अब ड्रग तस्करों के साथ उनके सहयोगियों और उनसे जुड़ी संपत्तियों तक पहुंचने पर है। वर्ष 2026 में अब तक सामने आए 15 एनडीपीएस मामलों में 68 आरोपियों और उनके सहयोगियों से संबंधित 12.52 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की संपत्तियां जब्त की गई हैं। कार्रवाई में उन संपत्तियों को भी निशाना बनाया गया है, जिनके बारे में जांच में सामने आया कि उन्हें मादक पदार्थों की तस्करी से अर्जित धन से अवैध रूप से खरीदा गया था। ऐसी करीब 4.13 करोड़ रुपये की संपत्तियों की पहचान कर जब्ती की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ड्रग कारोबार का असली नेटवर्क केवल सड़कों और सप्लाई चेन तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके पीछे वित्तीय तंत्र भी काम करता है।
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इसलिए नशे के खिलाफ कार्रवाई में अवैध कमाई, उससे खरीदी गई संपत्ति और धन के इस्तेमाल के रास्तों की जांच जरूरी है। उन्होंने एनडीपीएस अधिनियम के तहत शिमला पुलिस की वित्तीय जांच और अन्य कार्रवाई की सराहना करते हुए इसे ड्रग कारोबार की आर्थिक नींव कमजोर करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार नशे के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है। नशा तस्करों और उनके नेटवर्क को खत्म करने के लिए कड़ी कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि सरकार पुलिस और अन्य संबंधित एजेंसियों को इस अभियान में हरसंभव सहयोग दे रही है। मुख्यमंत्री ने पुलिस को निर्देश दिए कि ड्रग माफिया और अवैध ड्रग कारोबार की आर्थिक नींव कमजोर करने के लिए इसी तरह की केंद्रित कार्रवाई लगातार जारी रखी जाए।

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नशा तस्करी में अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई, 19 आरोपियों की 4.13 करोड़ की संपत्ति की जब्त
जिला पुलिस ने चिट्टा तस्करी के मामले में अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई करते हुए 19 आरोपियों की 4.13 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की है। इसमें थार, क्रेटा और ग्रैंड विटारा समेत 11 गाड़ियां, दो बाइक, एक होमस्टे और दो आवासीय भवन शामिल हैं। मामला वर्ष 2024 का है। 13 अगस्त को थाना सदर शिमला पुलिस ने एक होटल में दबिश देकर सूरज निवासी लखीसराय, बिहार, हाल पता दक्षिण दिल्ली और रोहित पांडे निवासी आरा, बिहार, हाल पता दक्षिण दिल्ली के कब्जे से 6.5 ग्राम चिट्टा बरामद किया था। पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर आगामी कार्रवाई शुरू की। मामले में बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंकेज की जांच के दौरान कई आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। इस मामले में पुलिस ने वर्ष 2026 में वित्तीय जांच शुरू की। जांच के दौरान आरोपियों एवं उनसे जुड़े व्यक्तियों की संपत्तियों की गहनता से पड़ताल की गई। इसमें पता चला कि आरोपियों की आय का कोई स्रोत नहीं है और उनके पास करोड़ों की संपत्तियां हैं। इनमें लग्जरी गाड़ियों के अलावा होमस्टे और आवासीय भवन भी शामिल हैं।

आरोपी इन संपत्तियों को अर्जित करने के वैध स्रोत की जानकारी नहीं दे पाए। पुलिस का दावा है कि यह संपत्तियां नशा तस्करी से अर्जित की गईं हैं। इस आधार पर पुलिस ने नौ आरोपियों और 10 सहयोगियों के नाम पर चल-अचल संपत्तियां चिह्नित कीं। इनमें दो आवासीय प्लॉट, दो आवासीय भवन, एक अपार्टमेंट, एक होमस्टे और महिंद्रा थार, हुंडई क्रेटा, मारुति ग्रैंड विटारा, टाटा नेक्सन समेत 11 लग्जरी वाहन, रॉयल एनफील्ड समेत दो बाइक और एक स्कूटी शामिल हैं। इन 20 संपत्तियों का अनुमानित मूल्य लगभग 4.13 करोड़ रुपये आंका गया है। एनडीपीएस एक्ट के प्रावधानों के तहत यह कार्रवाई अमल में लाई गई है। प्रदेश में किसी भी नशा तस्करी के मामले में इसे अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई बताया जा रहा है।

जिला पुलिस नशा तस्करी के नेटवर्क को ध्वस्त करने के साथ ही अवैध तरीके से अर्जित संपत्तियों की पहचान कर उन्हें जब्त कर रही है। वित्तीय जांच में तेजी लाने का मकसद साफ है कि नशा बेचकर संपत्ति अर्जित करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इसी के तहत सदर थाने में दर्ज मामले में 19 आरोपियों की 4.13 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की गई है। आगे भी इसी तरह कार्रवाई जारी रहेगी।-मेहर पंवार, एएसपी शिमला

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