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Shimla News: शहर के मंदिरों में महानवमी पर हजारों श्रद्धालुओं ने नवाया शीश
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कालीबाड़ी मंदिर में आज होगा सिंदूर खेला
दोपहर 12:00 बजे दी जाएगी मां दुर्गा को विदाई
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। राजधानी के कालीबाड़ी और तारादेवी मंदिर में मंगलवार को महानवमी पर हजारों श्रद्धालुओं ने शीश नवाया। कालीबाड़ी मंदिर में सुबह 7:00 बजे हवन की पूर्णाहुति डाली गई। इसके बाद सुबह 9:30 बजे मां की पूजा अर्चना की गई।
मंदिर में बुधवार को महिलाओं द्वारा सिंदूर की होली खेली जाएगी। बंगाल में इसे सिंदूर खेला कहा जाता है। इसके बाद आइटीबीपी में मूर्तियों का विसर्जन होगा। तारादेवी मंदिर में पांच हजार श्रद्धालु दर्शनों के लिए पहुंचे। कालीबाड़ी मंदिर में करीब 3 हजार श्रद्धालुओं ने शीश नवाया। इसके साथ ही शहर के बीसीएस स्थित तारा माता मंदिर, ढिंगु माता मंदिर सहित अन्य मंदिरों में भी हजारों श्रद्धालु दर्शनों के लिए पहुंचे और मंदिरों में भंडारा प्रसाद ग्रहण किया। कालीबाड़ी मंदिर के पंडित मुक्ति चक्रवर्ती ने बताया कि मंदिर में महानवमी पर सुबह से ही भक्तों की भीड़ उमड़ना शुरू हो गई थी।
कार्य निर्वाहक समिति शिमला कालीबाड़ी के सचिव डॉ. कल्लोल प्रमानिक ने बताया कि बुधवार सुबह 10:00 बजे महिलाओं द्वारा सिंदूर की होली खेली जाएगी। इसमें महिलाएं एक-दूसरे को सिंदूर लगाकर उत्सव मनाएंगी। बुधवार को मंदिर के हॉल में सुबह बंगाल की परंपरा अनुसार महिलाएं सिंदूर खेला खेलेंगी। इसके बाद दोपहर 12:00 बजे के बाद हॉल में स्थापित मूर्तियों को विसर्जन के लिए आईटीबीपी ले जाया जाएगा।
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दोपहर 12:00 बजे दी जाएगी मां दुर्गा को विदाई
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। राजधानी के कालीबाड़ी और तारादेवी मंदिर में मंगलवार को महानवमी पर हजारों श्रद्धालुओं ने शीश नवाया। कालीबाड़ी मंदिर में सुबह 7:00 बजे हवन की पूर्णाहुति डाली गई। इसके बाद सुबह 9:30 बजे मां की पूजा अर्चना की गई।
मंदिर में बुधवार को महिलाओं द्वारा सिंदूर की होली खेली जाएगी। बंगाल में इसे सिंदूर खेला कहा जाता है। इसके बाद आइटीबीपी में मूर्तियों का विसर्जन होगा। तारादेवी मंदिर में पांच हजार श्रद्धालु दर्शनों के लिए पहुंचे। कालीबाड़ी मंदिर में करीब 3 हजार श्रद्धालुओं ने शीश नवाया। इसके साथ ही शहर के बीसीएस स्थित तारा माता मंदिर, ढिंगु माता मंदिर सहित अन्य मंदिरों में भी हजारों श्रद्धालु दर्शनों के लिए पहुंचे और मंदिरों में भंडारा प्रसाद ग्रहण किया। कालीबाड़ी मंदिर के पंडित मुक्ति चक्रवर्ती ने बताया कि मंदिर में महानवमी पर सुबह से ही भक्तों की भीड़ उमड़ना शुरू हो गई थी।
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कार्य निर्वाहक समिति शिमला कालीबाड़ी के सचिव डॉ. कल्लोल प्रमानिक ने बताया कि बुधवार सुबह 10:00 बजे महिलाओं द्वारा सिंदूर की होली खेली जाएगी। इसमें महिलाएं एक-दूसरे को सिंदूर लगाकर उत्सव मनाएंगी। बुधवार को मंदिर के हॉल में सुबह बंगाल की परंपरा अनुसार महिलाएं सिंदूर खेला खेलेंगी। इसके बाद दोपहर 12:00 बजे के बाद हॉल में स्थापित मूर्तियों को विसर्जन के लिए आईटीबीपी ले जाया जाएगा।
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