13 घंटे तक बंद रहा नेशनल हाईवे, ऐसे बनाया गया वैकल्पिक रास्ता
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कीरतपुर-नेरचौक फोरलेन के निर्माण में लगी मशीनरी बीच रास्ते में खराब होने से सामरिक महत्व का चंडीगढ़-मनाली-लेह एनएच 21 जड़ोल के पास करीब 13 घंटे बाधित रहा। मार्ग शुक्रवार रात करीब 10 बजे बाधित हुआ।
इसे शनिवार सुबह 11 बजे तक पहाड़ी को काटकर वैकल्पिक रास्ता तैयार कर आंशिक रूप से बहाल किया गया। दोपहर दो बजे तक यातायात पूरी तरह नियंत्रित हुआ।
रात को सैकड़ों सैलानी जाम में फंसे रहे। बसों के चक्के जाम हो गए। छोटे वाहन धीरे-धीरे सरकते रहे। कश्मीर में बढ़ते तनाव के कारण इसी मार्ग से लेह सामान ले जा रहे सैकड़ों ट्रक रात भर फंसे रहे।
इस तरह बंद हुआ मार्ग
जाम की सूचना मिलते ही एसडीएम राजीव कुमार और डीएसपी संजीव भाटिया मौके पर पहुंच गए थे। अधिकारियों का कहना है कि सुबह करीब 11 बजे मार्ग बहाल किया गया। दोपहर दो बजे तक यातायात सुचारु हुआ। कहा कि कंपनी के अधिकारियों से जवाब तलब किया जाएगा।
कीरतपुर-नेरचौक फोरलेन का निर्माण करने वाली कंपनी की 80 टन वजनी हाइड्रा क्रेन अलसू में निर्माणाधीन पुल पर सीमेंट के भारी-भरकम ब्लॉक को डालने के लिए डडौर से रवाना की गई थी। जड़ोल के निकट वह बीच सड़क में खराब हो गई और रुक-रुक कर चलने लगी।
इसकी मरम्मत करने की चालक ने काफी कोशिश की। दो-तीन घंटे प्रयास करने के बाद भी सफल नहीं हुआ। इस कारण रात करीब 10 बजे क्रेन को सड़क किनारे खड़े करने का प्रयास किया, लेकिन सड़क की हालत खस्ता होने से क्रेन का चालक की तरफ वाला एक्सल टूट गया और टायर बाहर आ गिरा। इसके उपरांत सड़क की एक लेन पूरी तरह से बंद हो गई।