फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Shimla News ›   These students want to read, but can not find admission

पढ़ना चाहते हैं ये छात्र, मगर नहीं मिल रही एडमिशन

Wed, 06 Aug 2014 01:45 PM IST
Updated Wed, 06 Aug 2014 01:45 PM IST
विज्ञापन
These students want to read, but can not find admission

हिमाचल प्रदेश के कई छात्रों को अपनी मर्जी के विषय में प्रवेश नहीं मिल रहा है। अब ऐसे में इन छात्रों की मनमर्जी की पढ़ाई का सपना चकनाचूर होता दिख रहा है। मामला बाबा बालक नाथ डिग्री कॉलेज चकमोह का है, जहां पर एमए संस्कृत में विद्यार्थियों को दाखिला नहीं मिल रहा है।

विज्ञापन


जब कॉलेज प्रशासन ने उनकी आवाज नहीं सुनी तो छात्रों को मजबूर होकर एसडीएम बड़सर से शिकायत करनी पड़ी। छात्रों ने शिकायत में कहा कि उन्हें प्रोस्पेक्टस नहीं दिए जा रहे हैं।
विज्ञापन


बीबीएन मंदिर न्यास अध्यक्ष एवं एसडीएम ने विद्यार्थियों को दाखिला दिलाने का आश्वासन दिया है। एमए संस्कृत करने के इच्छुक विद्यार्थियों रोहित कुमार, पंकज शर्मा, राहुल शर्मा, विनोद कुमार, दीपक शर्मा, सपना कुमारी, उमा देवी, सोमा देवी, सपना देवी, पूजा देवी, अरुण कुमार और सुशील कुमार सहित अन्य छात्रों ने संयुक्त बयान में कहा कि वे काफी दिनों से डिग्री कॉलेज चकमोह में दाखिला लेने के लिए भटक रहे हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

एसडीएम ने कहा मिलेगा दाखिला

These students want to read, but can not find admission

कॉलेज प्रशासन उनको दाखिला नहीं कर रहा है। बताया कि प्रोस्पेक्टस नहीं दिए जा रहे हैं। एक छात्रा को दाखिला दिया गया था, उसने फीस भी जमा करवा दी थी और उसे रोल नंबर जारी कर दिया था।

कॉलेज प्रशासन ने उसकी फीस वापस कर दी। छात्रों का कहना है कि एमए संस्कृत में दाखिला नहीं मिलने से उनका साल बेकार चला जाएगा। विद्यार्थियों का कहना है कि पिछले कई वर्षों से कॉलेज में हिंदी और संस्कृत की कक्षाएं चल रही हैं तो अब दाखिला रोकना समझ से परे है।

बीबीएन कॉलेज चकमोह में एमए संस्कृत की 15 सीटें हैं व इसमें कम से कम 10 सीटें होनी चाहिए। एसडीएम बड़सर को 12 छात्रों ने हस्ताक्षर करके मांग पत्र सौंपा है। एसडीएम बड़सर अक्षय सूद ने बताया कि 12 छात्रों ने शिकायत पत्र सौंपा है। एमए संस्कृत में दाखिला दिलाने की मांग की है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed