पढ़ना चाहते हैं ये छात्र, मगर नहीं मिल रही एडमिशन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हिमाचल प्रदेश के कई छात्रों को अपनी मर्जी के विषय में प्रवेश नहीं मिल रहा है। अब ऐसे में इन छात्रों की मनमर्जी की पढ़ाई का सपना चकनाचूर होता दिख रहा है। मामला बाबा बालक नाथ डिग्री कॉलेज चकमोह का है, जहां पर एमए संस्कृत में विद्यार्थियों को दाखिला नहीं मिल रहा है।
जब कॉलेज प्रशासन ने उनकी आवाज नहीं सुनी तो छात्रों को मजबूर होकर एसडीएम बड़सर से शिकायत करनी पड़ी। छात्रों ने शिकायत में कहा कि उन्हें प्रोस्पेक्टस नहीं दिए जा रहे हैं।
बीबीएन मंदिर न्यास अध्यक्ष एवं एसडीएम ने विद्यार्थियों को दाखिला दिलाने का आश्वासन दिया है। एमए संस्कृत करने के इच्छुक विद्यार्थियों रोहित कुमार, पंकज शर्मा, राहुल शर्मा, विनोद कुमार, दीपक शर्मा, सपना कुमारी, उमा देवी, सोमा देवी, सपना देवी, पूजा देवी, अरुण कुमार और सुशील कुमार सहित अन्य छात्रों ने संयुक्त बयान में कहा कि वे काफी दिनों से डिग्री कॉलेज चकमोह में दाखिला लेने के लिए भटक रहे हैं।
एसडीएम ने कहा मिलेगा दाखिला
कॉलेज प्रशासन उनको दाखिला नहीं कर रहा है। बताया कि प्रोस्पेक्टस नहीं दिए जा रहे हैं। एक छात्रा को दाखिला दिया गया था, उसने फीस भी जमा करवा दी थी और उसे रोल नंबर जारी कर दिया था।
कॉलेज प्रशासन ने उसकी फीस वापस कर दी। छात्रों का कहना है कि एमए संस्कृत में दाखिला नहीं मिलने से उनका साल बेकार चला जाएगा। विद्यार्थियों का कहना है कि पिछले कई वर्षों से कॉलेज में हिंदी और संस्कृत की कक्षाएं चल रही हैं तो अब दाखिला रोकना समझ से परे है।
बीबीएन कॉलेज चकमोह में एमए संस्कृत की 15 सीटें हैं व इसमें कम से कम 10 सीटें होनी चाहिए। एसडीएम बड़सर को 12 छात्रों ने हस्ताक्षर करके मांग पत्र सौंपा है। एसडीएम बड़सर अक्षय सूद ने बताया कि 12 छात्रों ने शिकायत पत्र सौंपा है। एमए संस्कृत में दाखिला दिलाने की मांग की है।