पर्यावरण को बचाने के लिए हिमाचल सरकार की पहल, थर्मोकोल के उत्पादों पर प्रतिबंध
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हिमाचल में इस दिन के बाद थर्मोकोल थर्मोकोल से बने उत्पादों की बिक्री नहीं हो सकेगी। पर्यावरण दिवस पर मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर द्वारा सूबे में थर्मोकोल के प्रतिबंध के एलान को अमलीजामा पहनाने के लिए शासन ने कसरत शुरू कर दी है।
थर्मोकोल के उत्पादों पर प्रतिबंध को लेकर रणनीति बनाने के लिए मुख्य सचिव विनीत चौधरी की अध्यक्षता में कई अधिकारियों के साथ एक अहम बैठक हुई। बैठक में तय हुआ कि थर्मोकोल से बने उत्पादों का कारोबार करने वालों को स्टाक खत्म करने के लिए सरकार 15 अगस्त तक का समय देगी।
इसके बाद इन उत्पादों की बिक्री करने वालों पर कार्रवाई शुरू होगी। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग इस संबंध में अगले हफ्ते होने वाली मंत्रिमंडल की बैठक में मंजूरी के बाद अधिसूचना जारी कर सकता है।
पर्यावरण को बचाने के लिए सरकार की पहल
राज्य में पर्यावरण को बचाए जाने के लिए सरकार की ओर से पहल की है। हाल में मुख्यमंत्री के एलान के बाद मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय बैठक हुई।
बैठक में अतिरिक्त मुख्य सचिव विज्ञान एवं तकनीकी तरुण कपूर के अलावा विज्ञान एवं तकनीकी और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारी शामिल हुए। फैसला लिया कि राज्य में थर्मोकोल के गिलास प्लेटों के कारोबारियों को कम से कम दो महीने का समय स्टॉक क्लीयरेंस के लिए दिया जाएगा।
इसके बाद ही इसके इस्तेमाल पर जुर्माना लगाया जाएगा। इससे पहले पर्यावरण विभाग की ओर से नोटिस जारी कर प्रतिबंध लागू करने के लिए आपत्तियां और सुझाव मांगे जाएंगे। सभी संबंधित पक्षों से सुझाव आने के बाद सरकार की ओर से इसे लागू करने की अधिसूचना जारी की जाएगी।
इससे पहले भी जब राज्य में पॉलिथीन बैन किया था तो दो अक्तूबर से इसे लागू किया था। पॉलिथीन बैन करने से हिमाचल के पर्यावरण को हुए लाभ का उदाहरण दूसरे राज्यों में दिया जाता है।