फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Shimla News ›   There have been no non-academic recruitments in HPU for four years.

Shimla News: एचपीयू में चार साल से नहीं हुई गैर-शैक्षणिक भर्तियां

Tue, 23 Dec 2025 11:59 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Tue, 23 Dec 2025 11:59 PM IST
विज्ञापन
There have been no non-academic recruitments in HPU for four years.
एक्सकलूसिव
विज्ञापन

वर्ष 2020 से 360 पदों के लिए आवेदन मांगे, हजारों आवेदकों से शुल्क लेने के बावजूद नहीं की गई भर्ती
आरटीआई के तहत दी जानकारी में हुआ खुलासा
हर्षित शर्मा
शिमला। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय (एचपीयू) शिमला में वर्ष 2021 के बाद से नियमित गैर-शैक्षणिक भर्तियां बंद हैं। सूचना के अधिकार (आरटीआई) के तहत मिली जानकारी के अनुसार चार जनवरी 2022 को 360 पद विज्ञाप्ति किए गए लेकिन इन पदों पर आज तक नियमित नियुक्ति नहीं हो सकी। न लिखित परीक्षा करवाई गई और न ही चयन प्रक्रिया पूरी हुई।

भर्ती प्रक्रिया फिलहाल राज्य सरकार के निर्देशों के चलते रुकी हुई है। इन पदों के लिए हजारों अभ्यर्थियों से आवेदन शुल्क लिया गया लेकिन इसके बावजूद किसी भी श्रेणी की परीक्षा नहीं हुई। इसमें क्लर्क, जेओए आईटी, माली, चौकीदार, चपरासी सहित विभिन्न गैर-शैक्षणिक श्रेणियों के पद शामिल थे। केवल क्लर्क के 54 पद अधिसूचित किए थे जो विश्वविद्यालय के प्रशासनिक कामकाज के लिए अहम माने जाते हैं। इसके बावजूद इन पदों की भर्ती आगे नहीं बढ़ सकी। साल 2022 के विधानसभा चुनाव के दौरान लागू आदर्श आचार संहिता और इसके बाद 12 दिसंबर 2022 को राज्य सरकार के निर्देशों के कारण विश्वविद्यालय सहित सभी विभागों में चल रही भर्तियों को रोक दिया था। इसका सीधा असर एचपीयू की इस भर्ती प्रक्रिया पर पड़ा जो उसी समय से अटकी हुई है।
विज्ञापन

अब इन पदों को भरने के लिए नए सिरे से विज्ञापन जारी करना होगा जिसके लिए राज्य सरकार की अनुमति जरूरी होगी। शुल्क वापसी या वैकल्पिक व्यवस्था को लेकर कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी है। इससे अभ्यर्थियों में नाराजगी बढ़ रही है। चतुर्थ श्रेणी में चपरासी के पदों पर दैनिक वेतन आधार पर 85 उम्मीदवारों की संस्तुति की थी लेकिन इसे नियमित भर्ती का हिस्सा नहीं माना गया। यह नियुक्तियां अलग प्रक्रिया के तहत कीं थीं। माली और चौकीदार जैसे अन्य चतुर्थ श्रेणी पदों पर भी वर्ष 2020 और 2021 में कोई नियमित नियुक्ति नहीं हुई। चयन मापदंड विज्ञापन में तय किए थे लेकिन प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी। आरटीआई में यह स्पष्ट किया है कि भर्ती शाखा के स्तर पर किसी प्रकार की आउटसोर्स नियुक्ति नहीं की गई। आउटसोर्स या अनुबंध आधार पर की गई भर्तियों की जानकारी प्रशासनिक शाखाओं के पास उपलब्ध है। लगातार चार वर्षों से नियमित भर्तियां न होने से विश्वविद्यालय के कार्यालयों, परीक्षा शाखा और प्रशासनिक इकाइयों में स्टाफ की भारी कमी बनी हुई है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article