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Shimla News: सड़क पर टोल बैरियर है नहीं, यात्रियों से टिकट में हो रही वसूली

Mon, 14 Sep 2026 11:59 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Mon, 14 Sep 2026 11:59 PM IST
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There are no toll barriers on the road; the toll is being collected from passengers through their tickets.
एक्सकलूसिव
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सोलन से शिमला की तरफ रोज सफर करने वाले सैकड़ों लोगों से वसूला जा रहा टोल टैक्स,
हर यात्री से वसूला जाता है दो रुपये तक का टैक्स
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। फोरलेन बनने से सफर सुहाना होने के साथ ही सवारियों की जेब पर भी भारी पड़ रहा है। सोलन से शिमला और शिमला से सोलन रोज नौकरी तथा अन्य कारणों से सरकारी बसों में सफर करने वाली सवारियों को बिना टोल टैक्स बैरियर के भी दो रुपये टोल टैक्स के रूप में चुकाने पड़ रहे हैं।
बताया जा रहा है कि सोलन फोरलेन टोल टैक्स स्टेशन की परिधि में आता है। इसलिए सोलन क्षेत्र से बस में बैठकर शिमला आने वाली हर सवारी को टोल टैक्स चुकाना पड़ता है। सनवारा में टोल टैक्स बैरियर बनने के बाद से सरकारी बसों की सवारियों से टोल टैक्स वसूला जा रहा है। सनवारा धर्मपुर से आगे चंडीगढ़ की तरफ पड़ा। ऐसे में लोग कह रहे हैं कि धर्मपुर से शिमला की तरफ आने वाले यात्रियों से टोल टैक्स वसूलना समझ से परे है। धर्मपुर से शिमला के लिए शिमला डिपो नंबर तीन और शिमला ग्रामीण की चंडीगढ़ से आ रही बस में सफर करने के लिए धर्मपुर निवासी तानिश बस में चढ़े। उन्होंने शिमला का टिकट मांगा। 63 किलोमीटर के सफर के लिए उनसे 165 रुपये किराया लिया गया। इसमें एचआरटीसी किराये के रूप में 158 रुपये, चार रुपये इंश्योरेंस, एक रुपये हाइजीन चार्ज और दो रुपये टोल टैक्स के रूप में लिए गए।
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तानिश जैसे शिमला और सोलन के बीच नौकरी, अस्पताल, कारोबार या निजी क्षेत्र में काम करने वाले हजारों लोग रोजाना आते-जाते हैं। रोज आने-जाने वाली सवारियों को सोलन से शिमला के सफर के लिए दो रुपये टोल टैक्स के रूप में देने पड़ते हैं। इस तरह दोनों तरफ का रोजाना सफर करने वालों को चार रुपये यानी महीने में करीब 120 रुपये टोल टैक्स के रूप में चुकाने पड़ रहे हैं। सोलन जिले की परिधि में कैथलीघाट तक करीब 25 किलोमीटर ही सरकारी बस फोरलेन पर चलती है। इसकी भी हालत पूरी तरह अच्छी नहीं है। इस रूट पर करीब 19 किलोमीटर का सफर एनएच की सड़क से ही होता है। रोज सफर करने वाले तानिश जैसे अन्य यात्रियों का सवाल है कि जब फोरलेन अभी पूरा नहीं बना है और न ही यहां कोई टोल टैक्स बैरियर है, तो हर बार दो रुपये टोल टैक्स के रूप में क्यों वसूले जा रहे हैं?
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मशीन में ही इसकी व्यवस्था
फोरलेन टोल स्टेशन में सोलन के शामिल होने पर मशीन अपने आप टोल टैक्स की राशि जोड़ देती है। मशीन में ही इसकी व्यवस्था है। कैथलीघाट से आगे यदि कोई सवारी शिमला की ओर आने के लिए बस में चढ़ती है तो उसके टिकट में टोल टैक्स नहीं जुड़ेगा। शिमला से चंडीगढ़ या दिल्ली की ओर जाने वाली सवारी के टिकट में जितने टोल टैक्स स्टेशन आएंगे, उसी हिसाब से टोल टैक्स की राशि जुड़ती जाएगी। उन्होंने बताया कि जो सवारी धर्मपुर से चढ़ी, वह सोलन स्टेशन से आगे तक फोरलेन टोल स्टेशन की परिधि में आती है। इस वजह से उसके किराये में टोल टैक्स जुड़ा।
-देवा सेन नेगी, मंडलीय प्रबंधक, एचआरटीसी शिमला
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