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Shimla News: बसों और स्वास्थ्य कर्मचारियों की कमी पर गरमाया जिप का सदन
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जिला परिषद की पहली बैठक में सदस्यों ने उठाए सवाल, चौपाल में 53 में से 39 बसें ही चल रहीं
स्टाफ की कमी से अभी बंद पड़े हैं 15 बस रूट
सवालों के जवाब न मिलने पर जताई नाराजगी
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। जिला परिषद शिमला की पहली बैठक में बसों और स्वास्थ्य संस्थानों में कर्मचारियों की कमी, सड़क, पेयजल तथा सुरक्षा व्यवस्था के मुद्दे उठे। बैठक में सामने आया कि जिले के चौपाल और रामपुर क्षेत्र में बसों की कमी है। इसके अलावा कई रूटों पर बसें नहीं चल रही हैं। इस कारण स्कूली छात्र-छात्राओं के अलावा कॉलेज विद्यार्थियों को परेशानी हो रही है।
जिला परिषद भवन एवं जिला पंचायत संसाधन केंद्र चलौंठी में वीरवार सुबह 11:17 बजे बैठक शुरू हुई। बैठक तय समय से 17 मिनट देरी से शुरू हुई। बैठक की अध्यक्षता जिला परिषद अध्यक्ष भोपेंद्र सिसोदिया ने की। बैठक के शुरू होते ही जिला परिषद सदस्य अतुल शर्मा ने सवालों की झड़ी लगा दी। उन्होंने उठाऊ पेयजल परियोजनाओं की वर्तमान स्थिति को लेकर अधिकारियों से सवाल किए। सवालों के जवाब न मिलने पर वह नाराज दिखे। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा था कि जिला परिषद और बीडीसी सदस्यों की वैल्यू एक दिन की होती है, लेकिन पांच साल में जनता के कार्यों को लेकर अपनी वैल्यू से सरकार को अवगत करवा देंगे। उन्होंने बताया कि नेरवा डिपो के तहत चौपाल में बस सेवाओं का अभाव है और कई रूट बंद हैं। इस पर आरएम ने बताया कि मौजूदा समय में 39 बसें ही हैं और 43 रूट चल रहे हैं, जबकि 15 रूट बंद हैं।
कारगोली नाला से देहा मुख्य मार्ग की मेटलिंग एवं टारिंग के संबंध में लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता ने बताया कि सड़क का टेंडर हो चुका है और एक सप्ताह के भीतर निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा। पुलवाहल से सराह सड़क पर क्रैश बैरियर, पैराफिट, ड्रेन और कलवर्ट निर्माण के मामले में संबंधित अधिकारियों को जिला परिषद सदस्य के साथ मौके का निरीक्षण करने के निर्देश दिए । पीएमजीएसवाई के तहत घबास से सराह सड़क निर्माण और सड़क सुरक्षा व्यवस्था के लिए 5.50 करोड़ रुपये खर्च करने की बात कही गई। उठाऊ पेयजल परियोजनाओं की स्थिति पर अधिशासी अभियंता नेरवा ने बताया कि फंड की कमी के कारण कुछ पेयजल योजनाएं लंबित हैं।
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जिला परिषद सदस्य संदीप शरोल ने कोटगढ़ अस्पताल के अपग्रेडेशन का मामला उठाया। इस पर बीएमओ कोटगढ़ ने बताया कि ओपीडी कम होने के कारण निर्धारित मानदंड पूरे नहीं हो पा रहे हैं। अस्पताल अपग्रेडेशन का मामला सरकार को स्वीकृति के लिए भेजा है। कुरपन पेयजल योजना की स्थिति के संबंध में अधिशासी अभियंता, जल शक्ति विभाग ने बताया कि यह प्रदेश में निर्माणाधीन बड़ी पेयजल योजनाओं में से एक है। इसके माध्यम से ठियोग विधानसभा क्षेत्र की लगभग 1.31 लाख बस्तियों को कवर किया जाना है। भूस्खलन के कारण योजना प्रभावित हुई है, जबकि कार्य पूरा करने के लिए 49 करोड़ रुपये के अतिरिक्त बजट की आवश्यकता है।
चमियाना वार्ड से जिला परिषद सदस्य खुश विक्रम सेन ने गिरी से कुफरी होते हुए जुन्गा उठाऊ पेयजल योजना पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि पेयजल योजना का काम रुका हुआ है। अधिशासी अभियंता ने बताया कि योजना को जल जीवन मिशन के तहत स्वीकृति मिली थी। बजट समाप्त होने के कारण निर्माण कार्य फिलहाल बंद है। आगामी एक माह के भीतर मेटलिंग एवं टारिंग का कार्य शुरू किया जाएगा। वहीं कुफरी-चायल सड़क के अपग्रेडेशन का कार्य 2027 के मध्य तक पूरा कर लिया जाएगा। खुश विक्रम सेन ने सांसद हर्ष महाजन की ओर से जुन्गा अस्पताल को दान की गई एंबुलेंस के संचालन के लिए अस्पताल से डेपुटेशन पर भेजे गए चालक को वापस जुन्गा लाने की बात कही।
देहा-फेडचपुल सड़क को एनएच बनाएं
बैठक में सैंज राष्ट्रीय राजमार्ग-705 से देहा-चौपाल-नेरवा-फेडचपुल सड़क को राष्ट्रीय राजमार्ग घोषित करने के लिए सदन में प्रस्ताव पारित किया गया। प्रस्ताव को आगामी आवश्यक कार्रवाई के लिए सरकार को भेजने का निर्णय लिया गया। इस अवसर पर मुख्य कार्यकारी अधिकारी सचिन शर्मा, उपाध्यक्ष भरत सिंह कलांटा, जिला पंचायत अधिकारी डॉ. विनय शर्मा समेत अन्य लोग मौजूद रहे।
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स्टाफ की कमी से अभी बंद पड़े हैं 15 बस रूट
सवालों के जवाब न मिलने पर जताई नाराजगी
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। जिला परिषद शिमला की पहली बैठक में बसों और स्वास्थ्य संस्थानों में कर्मचारियों की कमी, सड़क, पेयजल तथा सुरक्षा व्यवस्था के मुद्दे उठे। बैठक में सामने आया कि जिले के चौपाल और रामपुर क्षेत्र में बसों की कमी है। इसके अलावा कई रूटों पर बसें नहीं चल रही हैं। इस कारण स्कूली छात्र-छात्राओं के अलावा कॉलेज विद्यार्थियों को परेशानी हो रही है।
जिला परिषद भवन एवं जिला पंचायत संसाधन केंद्र चलौंठी में वीरवार सुबह 11:17 बजे बैठक शुरू हुई। बैठक तय समय से 17 मिनट देरी से शुरू हुई। बैठक की अध्यक्षता जिला परिषद अध्यक्ष भोपेंद्र सिसोदिया ने की। बैठक के शुरू होते ही जिला परिषद सदस्य अतुल शर्मा ने सवालों की झड़ी लगा दी। उन्होंने उठाऊ पेयजल परियोजनाओं की वर्तमान स्थिति को लेकर अधिकारियों से सवाल किए। सवालों के जवाब न मिलने पर वह नाराज दिखे। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा था कि जिला परिषद और बीडीसी सदस्यों की वैल्यू एक दिन की होती है, लेकिन पांच साल में जनता के कार्यों को लेकर अपनी वैल्यू से सरकार को अवगत करवा देंगे। उन्होंने बताया कि नेरवा डिपो के तहत चौपाल में बस सेवाओं का अभाव है और कई रूट बंद हैं। इस पर आरएम ने बताया कि मौजूदा समय में 39 बसें ही हैं और 43 रूट चल रहे हैं, जबकि 15 रूट बंद हैं।
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कारगोली नाला से देहा मुख्य मार्ग की मेटलिंग एवं टारिंग के संबंध में लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता ने बताया कि सड़क का टेंडर हो चुका है और एक सप्ताह के भीतर निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा। पुलवाहल से सराह सड़क पर क्रैश बैरियर, पैराफिट, ड्रेन और कलवर्ट निर्माण के मामले में संबंधित अधिकारियों को जिला परिषद सदस्य के साथ मौके का निरीक्षण करने के निर्देश दिए । पीएमजीएसवाई के तहत घबास से सराह सड़क निर्माण और सड़क सुरक्षा व्यवस्था के लिए 5.50 करोड़ रुपये खर्च करने की बात कही गई। उठाऊ पेयजल परियोजनाओं की स्थिति पर अधिशासी अभियंता नेरवा ने बताया कि फंड की कमी के कारण कुछ पेयजल योजनाएं लंबित हैं।
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जिला परिषद सदस्य संदीप शरोल ने कोटगढ़ अस्पताल के अपग्रेडेशन का मामला उठाया। इस पर बीएमओ कोटगढ़ ने बताया कि ओपीडी कम होने के कारण निर्धारित मानदंड पूरे नहीं हो पा रहे हैं। अस्पताल अपग्रेडेशन का मामला सरकार को स्वीकृति के लिए भेजा है। कुरपन पेयजल योजना की स्थिति के संबंध में अधिशासी अभियंता, जल शक्ति विभाग ने बताया कि यह प्रदेश में निर्माणाधीन बड़ी पेयजल योजनाओं में से एक है। इसके माध्यम से ठियोग विधानसभा क्षेत्र की लगभग 1.31 लाख बस्तियों को कवर किया जाना है। भूस्खलन के कारण योजना प्रभावित हुई है, जबकि कार्य पूरा करने के लिए 49 करोड़ रुपये के अतिरिक्त बजट की आवश्यकता है।
चमियाना वार्ड से जिला परिषद सदस्य खुश विक्रम सेन ने गिरी से कुफरी होते हुए जुन्गा उठाऊ पेयजल योजना पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि पेयजल योजना का काम रुका हुआ है। अधिशासी अभियंता ने बताया कि योजना को जल जीवन मिशन के तहत स्वीकृति मिली थी। बजट समाप्त होने के कारण निर्माण कार्य फिलहाल बंद है। आगामी एक माह के भीतर मेटलिंग एवं टारिंग का कार्य शुरू किया जाएगा। वहीं कुफरी-चायल सड़क के अपग्रेडेशन का कार्य 2027 के मध्य तक पूरा कर लिया जाएगा। खुश विक्रम सेन ने सांसद हर्ष महाजन की ओर से जुन्गा अस्पताल को दान की गई एंबुलेंस के संचालन के लिए अस्पताल से डेपुटेशन पर भेजे गए चालक को वापस जुन्गा लाने की बात कही।
देहा-फेडचपुल सड़क को एनएच बनाएं
बैठक में सैंज राष्ट्रीय राजमार्ग-705 से देहा-चौपाल-नेरवा-फेडचपुल सड़क को राष्ट्रीय राजमार्ग घोषित करने के लिए सदन में प्रस्ताव पारित किया गया। प्रस्ताव को आगामी आवश्यक कार्रवाई के लिए सरकार को भेजने का निर्णय लिया गया। इस अवसर पर मुख्य कार्यकारी अधिकारी सचिन शर्मा, उपाध्यक्ष भरत सिंह कलांटा, जिला पंचायत अधिकारी डॉ. विनय शर्मा समेत अन्य लोग मौजूद रहे।