स्कूल के असुरक्षित भवन की दीवार गिरी , ऐसे टला बड़ा हादसा
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राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला डियूर में शुक्रवार को असुरक्षित भवन की दीवार गिर गई। इससे बड़ा हादसा होते-होते टल गया। स्कूल की दीवार टूटकर नीचे गिर गई। गनीमत रही कि कोई भी दीवार के मलबे की चपेट में नहीं आया। अन्यथा जान माल का नुकसान हो सकता था।
हादसा शुक्रवार सुबह नौ बजे हुआ। जब स्कूल में तैनात चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी स्कूल गेट खोल रहा था। उसी दौरान भवन की दीवार क्षतिग्रस्त होकर नीचे गिर गई। चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी दीवार के पत्थरों की चपेट में आने से बाल-बाल बचा।
हादसा बाद में होता कई बच्चे इसकी चपेट में आ सकते थे। स्कूल में 350 छात्र-छात्राएं शिक्षा ग्रहण करते हैं। इससे जान माल का काफी नुकसान भी हो सकता था। क्योंकि जिस स्थान पर दीवार का मलबा गिरा, वहां पर छात्र सुबह की प्रार्थना करते हैं।
वहीं स्कूल प्रबंधन ने घटना की जानकारी स्थानीय प्रशासन व शिक्षा विभाग के अधिकारी को दे दी। प्रशासन की ओर से स्कूल प्रबंधन को एहतियात बरतने की सलाह दी गई है।
स्कूल प्रबंधन को एहतियात बरतने के निर्देश : विजय धीमा
इस घटना में शिक्षा विभाग की लापरवाही देखने को मिली है। क्योंकि जिस भवन की दीवार गिरी, उसे वर्ष 2012 में अनसेफ घोषित किया जा चुका है। क्योंकि भूकंप के झटकों से भवन को काफी क्षति पहुंची थी।
इसको लेकर स्कूल प्रबंधन व एसएमसी ने कई बार शिक्षा विभाग को अवगत करवाया। परंतु किसी ने भी स्कूल भवन को डिस्मेंटल कर नया भवन बनाने की जहमत नहीं उठाई। उसकी वजह से यह घटना देखने को मिली।
समय रहते अनसेफ भवन को डिस्मेंटल नहीं किया तो आने वाले समय में इसके भीषण परिणाम देखने को मिल सकते हैं। स्कूल प्रबंधन समिति के पूर्व अध्यक्ष रमेश चंद ने स्थानीय प्रशासन से अनसेफ भवन की जगह नया भवन बनाने की मांग की है।
एसडीएम सलूणी विजय धीमान ने बताया कि उनके ध्यान में स्कूल प्रबंधन ने यह मामला लाया है। स्कूल प्रबंधन को एहतियात बरतने को कहा गया है। जल्द ही अनसेफ भवन को डिस्मेंटल कर नया भवन बनाने की कवायद शुरू की जाएगी।