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हिमाचल: पहाड़ी दरकने से बाढ़ का खतरा, गांव में खौफ का माहौल
Thu, 22 Aug 2019 10:04 PM IST
Krishan Singh
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सैंज (कुल्लू)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सैंज (कुल्लू)
Published by: Krishan Singh
Updated Thu, 22 Aug 2019 10:04 PM IST
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- फोटो : अमर उजाला
हिमाचल के कुल्लू जिले की सैंज खड्ड किनारे बसी बस्तियों में रह रहे ग्रामीणों में खौफ का माहौल है। खड्ड का जलस्तर बढ़ते ही यहां माहौल तनावपूर्ण हो जाता है। घाटी के लोग 2004 में बाढ़ के दिए जख्मों को अभी भूले नहीं हैं।
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इस बाढ़ ने पूरे सिउंड बाजार को नक्शे से ही गायब कर दिया था और सैंज बाजार में भी भारी नुकसान होने से लोग आज भी बाढ़ के नाम से खौफ खाते हैं। 15 वर्ष पहले जीवानाला में बादल फटने से मची तबाही का मंजर लोगों को अब भी याद है।
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हालांकि, अब सैंज खड्ड पर बिजली परियोजनाओं के दो डैम बने हैं और पानी का बहाव टनल के भीतर मोड़ा गया है। बावजूद इसके बरसात में डैम से पानी छोड़ने पर लोग सिहर उठते हैं। निहारनी डैम के आगे किली-री-परेशी की पहाड़ी दरकने से बाढ़ का खतरा अब भी बरकरार है।
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हाल ही में हुई भारी बारिश के दौरान निहारनी बांध से पानी छोड़ा गया तो इस पहाड़ी से भूस्खलन होना शुरू हो गया। संभावित खतरे को देख न्यूली गांव के लोगों ने अपना समान समेटना शुरू कर दिया। लोगों को डर है कि अगर यह पहाड़ी खिसकी तो खड्ड का बहाव रोक देगी।
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दरअसल, किली-री-परेशी के पास पहाड़ियां काफी संकरी हैं। भूस्खलन होने की स्थिति में यहां मलबा सीधा नदी में पहुंच रहा है। इस तरह से खड्ड में बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हो रही है। लंबे समय से किली-री-परेशी में भूस्खलन को रोकने की मांग उठती रही है लेकिन कोई समाधान न होने से लोग निराश हैं।
गाड़ापारली पंचायत के प्रधान भाग चंद, शैंशर के प्रधान नरेश कुमार, शांघड़ की प्रधान सवित्रा देवीतप प्रधान भगत राम और पंचायत समिति सदस्य जयवंती देवी ने कहा कि किली-री-परेशी में भूस्खलन होने से खड्ड का जलस्तर बढ़ रहा है। डैम से पानी छोड़ने से हाल ही में न्यूली में दो दुकानें, एक पुल और कई घराट बह गए।
उन्होंने कहा कि भविष्य में यह भूस्खलन जानमाल को भारी नुकसान पहुंचा सकता है। किली-री-परेशी का खिसकना सैंज घाटी के लिए चिंता का विषय बना हुआ है। एसडीएम बंजार एमआर भारद्वाज ने कहा कि मौके पर जाकर स्थिति का जायजा किया जाएगा। भूस्खलन रोकने के उचित प्रबंध किए जाएंगे।
गाड़ापारली पंचायत के प्रधान भाग चंद, शैंशर के प्रधान नरेश कुमार, शांघड़ की प्रधान सवित्रा देवीतप प्रधान भगत राम और पंचायत समिति सदस्य जयवंती देवी ने कहा कि किली-री-परेशी में भूस्खलन होने से खड्ड का जलस्तर बढ़ रहा है। डैम से पानी छोड़ने से हाल ही में न्यूली में दो दुकानें, एक पुल और कई घराट बह गए।
उन्होंने कहा कि भविष्य में यह भूस्खलन जानमाल को भारी नुकसान पहुंचा सकता है। किली-री-परेशी का खिसकना सैंज घाटी के लिए चिंता का विषय बना हुआ है। एसडीएम बंजार एमआर भारद्वाज ने कहा कि मौके पर जाकर स्थिति का जायजा किया जाएगा। भूस्खलन रोकने के उचित प्रबंध किए जाएंगे।