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Shimla News: विधायक की बुलाई बैठक भी बेनतीजा नहीं माने कर्मचारी, जारी रहेगी हड़ताल
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विधायक जनारथा के साथ ढाई घंटे चली बैठक में लिखित भरोसा देने पर अड़े रहे कर्मचारी
विधायक बोले, चार जून को एजीएम में देंगे राहत
यूनियन ने कहा, चार तक जारी रहेगी हड़ताल
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। राजधानी की सफाई व्यवस्था का जिम्मा संभाल रहे सैहब सोसायटी के कर्मचारियों की हड़ताल जारी है। सोमवार को शहरी विधायक हरीश जनारथा की मौजूदगी में नगर निगम प्रशासन के साथ ढाई घंटे तक चली बैठक भी बेनतीजा रही।
मनाने के बावजूद कर्मचारी काम पर लौटने को तैयार नहीं हुए। अब मंगलवार को भी कर्मचारियों की हड़ताल जारी रहेगी। शहर में घरों से कूड़ा नहीं उठेगा। दस फीसदी वेतन बढ़ोतरी लागू करने की मांग पर अड़े सैहब सोसायटी के आठ सौ से ज्यादा कर्मचारी लिखित समझौते पर अड़े हैं। लगातार चौथे दिन सोमवार को भी सैहब सोसायटी के कर्मचारियों ने घरों से कूड़ा नहीं उठाया। सुबह 10:00 बजे सैकड़ों कर्मचारी सीटीओ चौक पर जुट गए और सीटू के साथ मिलकर नगर निगम के खिलाफ प्रदर्शन किया। सैहब कर्मचारी यूनियन अध्यक्ष जसवंत सिंह ने कहा कि नगर निगम ने चार जून को विशेष एजीएम बुलाने की सूचना तो दी है लेकिन इसका कोई लिखित पत्र नहीं आया। यूनियन ने नारेबाजी की और आंदोलन को उग्र करने की चेतावनी दी। निगम प्रशासन ने दोपहर के समय एजीएम बुलाने को लेकर लिखित पत्र यूनियन नेताओं को जारी किया। इसके बाद करीब 2:30 बजे आयुक्त कार्यालय में हड़ताली कर्मचारियों को बैठक के लिए बुलाया गया। बैठक में कर्मचारियों ने कहा कि जिस एजीएम में कर्मचारियों की सालाना दस फीसदी वेतन बढ़ोतरी रोकी गई, उसमें कोरम तक पूरा नहीं था।
लिखित में देने पर अड़े कर्मचारी
बैठक में शहरी विधायक हरीश जनारथा ने भरोसा दिया कि चार जून को होने वाली एजीएम में राहत भरा फैसला लिया जाएगा। कर्मचारी हड़ताल वापस लें और काम पर लौटें। कर्मचारी बोले कि यह सब लिखित में दिया जाए। विधायक ने कहा कि वह या निगम आयुक्त यह लिखित में नहीं दे सकते। इनके पास यह शक्ति नहीं है। यह फैसला सिर्फ एजीएम ले सकती है, इसलिए एजीएम का इंतजार करना होगा। टूरिस्ट सीजन शुरू हो चुका है और ऐसे में शहर की गलत छवि बाहर नहीं जानी चाहिए। कर्मचारी जिम्मेदारी समझें। शहर की जनता परेशानी झेल रही है। कर्मचारी यूनियन अध्यक्ष जसवंत सिंह ने कहा कि जब तक लिखित में नहीं मिलेगा, तब तक हड़ताल वापस नहीं होगी। शहरी विधायक ने सीएम से भी फोन पर संपर्क किया लेकिन उनसे बात नहीं हो पाई।
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लिखित में देंगे, तभी खत्म होगी हड़ताल
शहरी विधायक और नगर निगम प्रशासन के साथ यूनियन की लंबी बैठक हुई है लेकिन इसमें हमारी मांग पूरी नहीं हुई। विधायक और प्रशासन कर्मचारियों को दस फीसदी वेतन वृद्धि देने का लिखित में भरोसा नहीं दे रहे। सिर्फ मौखिक दिलासे दे रहे हैं। इसलिए कर्मचारी भी हड़ताल वापस नहीं लेंगे। मंगलवार को भी कर्मचारी काम नहीं करेंगे। घरों से कूड़ा नहीं उठाया जाएगा। सीटीओ चौक पर प्रदर्शन जारी रहेगा।
-जसवंत सिंह, अध्यक्ष सैहब सोसायटी कर्मचारी यूनियन
एजीएम का इंतजार करे कर्मचारी, मिलेगी राहत
सैहब कर्मचारियों से लंबी बात की है। इन्हें समझाया है कि सरकार चार जून की एजीएम में उनके लिए राहत भरा फैसला लेगी। यह फैसला लेना मेरे हाथ में नहीं है। कर्मचारियों को समझना चाहिए और काम पर लौटना चाहिए। मैंने पूरा प्रयास किया है कि कर्मचारी काम पर वापस आएं।
-हरीश जनारथा, शहरी विधायक
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विधायक बोले, चार जून को एजीएम में देंगे राहत
यूनियन ने कहा, चार तक जारी रहेगी हड़ताल
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। राजधानी की सफाई व्यवस्था का जिम्मा संभाल रहे सैहब सोसायटी के कर्मचारियों की हड़ताल जारी है। सोमवार को शहरी विधायक हरीश जनारथा की मौजूदगी में नगर निगम प्रशासन के साथ ढाई घंटे तक चली बैठक भी बेनतीजा रही।
मनाने के बावजूद कर्मचारी काम पर लौटने को तैयार नहीं हुए। अब मंगलवार को भी कर्मचारियों की हड़ताल जारी रहेगी। शहर में घरों से कूड़ा नहीं उठेगा। दस फीसदी वेतन बढ़ोतरी लागू करने की मांग पर अड़े सैहब सोसायटी के आठ सौ से ज्यादा कर्मचारी लिखित समझौते पर अड़े हैं। लगातार चौथे दिन सोमवार को भी सैहब सोसायटी के कर्मचारियों ने घरों से कूड़ा नहीं उठाया। सुबह 10:00 बजे सैकड़ों कर्मचारी सीटीओ चौक पर जुट गए और सीटू के साथ मिलकर नगर निगम के खिलाफ प्रदर्शन किया। सैहब कर्मचारी यूनियन अध्यक्ष जसवंत सिंह ने कहा कि नगर निगम ने चार जून को विशेष एजीएम बुलाने की सूचना तो दी है लेकिन इसका कोई लिखित पत्र नहीं आया। यूनियन ने नारेबाजी की और आंदोलन को उग्र करने की चेतावनी दी। निगम प्रशासन ने दोपहर के समय एजीएम बुलाने को लेकर लिखित पत्र यूनियन नेताओं को जारी किया। इसके बाद करीब 2:30 बजे आयुक्त कार्यालय में हड़ताली कर्मचारियों को बैठक के लिए बुलाया गया। बैठक में कर्मचारियों ने कहा कि जिस एजीएम में कर्मचारियों की सालाना दस फीसदी वेतन बढ़ोतरी रोकी गई, उसमें कोरम तक पूरा नहीं था।
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लिखित में देने पर अड़े कर्मचारी
बैठक में शहरी विधायक हरीश जनारथा ने भरोसा दिया कि चार जून को होने वाली एजीएम में राहत भरा फैसला लिया जाएगा। कर्मचारी हड़ताल वापस लें और काम पर लौटें। कर्मचारी बोले कि यह सब लिखित में दिया जाए। विधायक ने कहा कि वह या निगम आयुक्त यह लिखित में नहीं दे सकते। इनके पास यह शक्ति नहीं है। यह फैसला सिर्फ एजीएम ले सकती है, इसलिए एजीएम का इंतजार करना होगा। टूरिस्ट सीजन शुरू हो चुका है और ऐसे में शहर की गलत छवि बाहर नहीं जानी चाहिए। कर्मचारी जिम्मेदारी समझें। शहर की जनता परेशानी झेल रही है। कर्मचारी यूनियन अध्यक्ष जसवंत सिंह ने कहा कि जब तक लिखित में नहीं मिलेगा, तब तक हड़ताल वापस नहीं होगी। शहरी विधायक ने सीएम से भी फोन पर संपर्क किया लेकिन उनसे बात नहीं हो पाई।
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लिखित में देंगे, तभी खत्म होगी हड़ताल
शहरी विधायक और नगर निगम प्रशासन के साथ यूनियन की लंबी बैठक हुई है लेकिन इसमें हमारी मांग पूरी नहीं हुई। विधायक और प्रशासन कर्मचारियों को दस फीसदी वेतन वृद्धि देने का लिखित में भरोसा नहीं दे रहे। सिर्फ मौखिक दिलासे दे रहे हैं। इसलिए कर्मचारी भी हड़ताल वापस नहीं लेंगे। मंगलवार को भी कर्मचारी काम नहीं करेंगे। घरों से कूड़ा नहीं उठाया जाएगा। सीटीओ चौक पर प्रदर्शन जारी रहेगा।
-जसवंत सिंह, अध्यक्ष सैहब सोसायटी कर्मचारी यूनियन
एजीएम का इंतजार करे कर्मचारी, मिलेगी राहत
सैहब कर्मचारियों से लंबी बात की है। इन्हें समझाया है कि सरकार चार जून की एजीएम में उनके लिए राहत भरा फैसला लेगी। यह फैसला लेना मेरे हाथ में नहीं है। कर्मचारियों को समझना चाहिए और काम पर लौटना चाहिए। मैंने पूरा प्रयास किया है कि कर्मचारी काम पर वापस आएं।
-हरीश जनारथा, शहरी विधायक