फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Shimla News ›   The locks of the secretariat did not open for three and a half hours, the officers kept waiting

Shimla: साढ़े तीन घंटे नहीं खुले सचिवालय के ताले, अफसर करते रहे इंतजार, जानें पूरा मामला

Sat, 03 Sep 2022 12:00 AM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला Published by: Krishan Singh Updated Sat, 03 Sep 2022 12:00 AM IST
सार

अधिकारी और कर्मचारी पहले तो चपरासी का इंतजार करते रहे, लेकिन जब ऑफिस के दरवाजे नहीं खुले तो संपर्क करने पर पता चला कि चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी हड़ताल पर चले गए हैं। वे बाहर बैठकर ही ताले खुलने का इंतजार करते रहे।

विज्ञापन
The locks of the secretariat did not open for three and a half hours, the officers kept waiting
चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी संघ का प्रदर्शन - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

हिमाचल प्रदेश सचिवालय के ताले शुक्रवार को साढ़े तीन घंटे तक नहीं खुले। अधिकारी और कर्मचारी पहले तो चपरासी का इंतजार करते रहे, लेकिन जब ऑफिस के दरवाजे नहीं खुले तो संपर्क करने पर पता चला कि चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी हड़ताल पर चले गए हैं। वे बाहर बैठकर ही ताले खुलने का इंतजार करते रहे। इसके बाद अधिकारियों और कर्मचारियों ने सामान्य प्रशासन विभाग के उच्च अधिकारियों से संपर्क किया। संघ के नेताओं ने सचिवालय प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की।  हुआ यूं कि सचिवालय के सभी चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी अपनी एकमात्र मांग को लेकर सामूहिक अवकाश पर चले गए थे। शुक्रवार सुबह 7:00 बजे से 10:30 बजे तक कोई भी अफसर और कर्मचारी अपने दफ्तरों में नहीं बैठ सका। राज्य सचिवालय के सामान्य प्रशासन के सचिव ने पत्र जारी कर टकराव को टाला। जीएडी के सचिव की ओर से 36 सफाई कर्मचारियों को फ्राश बनाने पर लिखित सहमति देने के बाद सचिवालय के ताले खोले गए।  

विज्ञापन


चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी संघ ने कुछ दिन पहले सांकेतिक हड़ताल की थी। सचिवालय प्रशासन को चेतावनी दी थी कि अगर मांग नहीं मानी गई तो सचिवालय के ताले नहीं खोले जाएंगे। संघ के अध्यक्ष प्रह्लाद और महासचिव टेक राम शर्मा ने कहा कि वीरवार को सभी 250 चतुर्थ कर्मचारियों ने सामूहिक अवकाश ले लिया था। इसके बाद शुक्रवार को सचिवालय के ताले नहीं खोले गए और जो अफसर समय से पहले दफ्तर में काम निपटाने आए थे, उनको साढे़ तीन घंटे बाहर खड़े होकर इंतजार करना पड़ा। इसके बाद सचिवालय का जीएडी विभाग हरकत में आया और संघ की यह मांग मानते हुए तुरंत लिखित आदेश जारी करने पड़े और फिर सचिवालय में दफ्तरों के ताले खोले गए। इसके बाद अफसरशाही ने राहत की सास ली और अपना काम निपटाना शुरू किया। प्रदेश सचिवालय सेवाएं कर्मचारी संघ के अध्यक्ष भूपेंद्र बॉबी ने कहा कि उनके संगठन में भी चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के इस विरोध का समर्थन किया है। 

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed