Shimla: साढ़े तीन घंटे नहीं खुले सचिवालय के ताले, अफसर करते रहे इंतजार, जानें पूरा मामला
अधिकारी और कर्मचारी पहले तो चपरासी का इंतजार करते रहे, लेकिन जब ऑफिस के दरवाजे नहीं खुले तो संपर्क करने पर पता चला कि चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी हड़ताल पर चले गए हैं। वे बाहर बैठकर ही ताले खुलने का इंतजार करते रहे।
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हिमाचल प्रदेश सचिवालय के ताले शुक्रवार को साढ़े तीन घंटे तक नहीं खुले। अधिकारी और कर्मचारी पहले तो चपरासी का इंतजार करते रहे, लेकिन जब ऑफिस के दरवाजे नहीं खुले तो संपर्क करने पर पता चला कि चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी हड़ताल पर चले गए हैं। वे बाहर बैठकर ही ताले खुलने का इंतजार करते रहे। इसके बाद अधिकारियों और कर्मचारियों ने सामान्य प्रशासन विभाग के उच्च अधिकारियों से संपर्क किया। संघ के नेताओं ने सचिवालय प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की। हुआ यूं कि सचिवालय के सभी चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी अपनी एकमात्र मांग को लेकर सामूहिक अवकाश पर चले गए थे। शुक्रवार सुबह 7:00 बजे से 10:30 बजे तक कोई भी अफसर और कर्मचारी अपने दफ्तरों में नहीं बैठ सका। राज्य सचिवालय के सामान्य प्रशासन के सचिव ने पत्र जारी कर टकराव को टाला। जीएडी के सचिव की ओर से 36 सफाई कर्मचारियों को फ्राश बनाने पर लिखित सहमति देने के बाद सचिवालय के ताले खोले गए।
चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी संघ ने कुछ दिन पहले सांकेतिक हड़ताल की थी। सचिवालय प्रशासन को चेतावनी दी थी कि अगर मांग नहीं मानी गई तो सचिवालय के ताले नहीं खोले जाएंगे। संघ के अध्यक्ष प्रह्लाद और महासचिव टेक राम शर्मा ने कहा कि वीरवार को सभी 250 चतुर्थ कर्मचारियों ने सामूहिक अवकाश ले लिया था। इसके बाद शुक्रवार को सचिवालय के ताले नहीं खोले गए और जो अफसर समय से पहले दफ्तर में काम निपटाने आए थे, उनको साढे़ तीन घंटे बाहर खड़े होकर इंतजार करना पड़ा। इसके बाद सचिवालय का जीएडी विभाग हरकत में आया और संघ की यह मांग मानते हुए तुरंत लिखित आदेश जारी करने पड़े और फिर सचिवालय में दफ्तरों के ताले खोले गए। इसके बाद अफसरशाही ने राहत की सास ली और अपना काम निपटाना शुरू किया। प्रदेश सचिवालय सेवाएं कर्मचारी संघ के अध्यक्ष भूपेंद्र बॉबी ने कहा कि उनके संगठन में भी चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के इस विरोध का समर्थन किया है।