Himachal: चुराह के हवलदार केवल कृष्ण और कुल्लू के सुशील ने कंचनजंगा चोटी पर फहराया तिरंगा
चंबा जिले चुराह तहसील के निवासी हवलदार केवल कृष्ण (39) ने देश का नाम रोशन करते हुए माउंट कंचनजंगा पर्वत (8,586 मीटर ऊंचाई) की चोटी फतह कर इतिहास रच दिया है।
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हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले चुराह तहसील के निवासी हवलदार केवल कृष्ण (39) ने देश का नाम रोशन करते हुए माउंट कंचनजंगा पर्वत (8,586 मीटर ऊंचाई) की चोटी फतह कर इतिहास रच दिया है। यह पर्वतारोहण कार्यक्रम ‘हर शिखर तिरंगा’ मिशन के तहत राष्ट्रीय पर्वतारोहण एवं साहसिक खेल संस्थान (एनआईएमएएस) की ओर से आयोजित किया गया। इसका नेतृत्व प्रसिद्ध पर्वतारोही कर्नल रणवीर सिंह जमवाल ने किया।
हवलदार केवल कृष्ण भारतीय सेना में कार्यरत हैं। बीते 12 वर्षों से पर्वतारोहण के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक 19 से अधिक बड़े पर्वतारोहण अभियानों का हिस्सा रह चुके हैं और 2015 में भारतीय सेना की माउंट एवरेस्ट टीम में भी शामिल रहे हैं। चोटी फतह करने के बाद केवल कृष्ण ने कहा कि कंचनजंगा की ऊंचाइयों तक तिरंगा ले जाना मेरे जीवन का सबसे गौरवपूर्ण क्षण था। यह सिर्फ मेरा सपना नहीं था, बल्कि यह मेरे क्षेत्र, मेरी सेना और मेरे देश के लिए समर्पित एक मिशन था।
पड़ेई गांव के सुशील ने फतेह की कंचनजंगा चोटी
प पार्वती घाटी के पड़ेई गांव के सुशील कुमार ने कंचनजंगा चोटी फतह की है। बतौर हवलदार भारतीय सेना में सेवाएं दे रहे सुशील कुमार की इस कामयाबी के बाद घाटी में खुशी का माहौल है। सुशील कुमार ने राष्ट्रीय पर्वतारोहण और साहसिक खेल संस्थान की टीम के सदस्य के रूप में भारत के सबसे ऊंचे और दुनिया के तीसरे सबसे ऊंचे पर्वत कंचनजंगा (8,586 मीटर) पर सफलतापूर्वक चढ़ाई की। अभियान का नेतृत्व प्रसिद्ध पर्वतारोही कर्नल रणवीर सिंह जंबाल ने किया। इसे राष्ट्रीय मिशन हर शिखर तिरंगा के तहत चलाया गया, जिसका उद्देश्य भारत और दुनिया भर में सबसे ऊंची चोटियों पर तिरंगा फहराना है। सुशील सेना के एक अनुभवी पर्वतारोही हैं। सुशील कुमार का कहना है कि कुल्लू जिले के अन्य युवाओं को भी इससे प्रेरणा मिलेगी।