{"_id":"68c0385240dfa710b30c3b55","slug":"the-board-claims-that-electricity-has-reached-shakrodi-the-company-said-it-is-all-a-lie-shimla-news-c-19-sml1002-599041-2025-09-09","type":"story","status":"publish","title_hn":"Shimla News: घर के बाहर लगेगी क्यूआर प्लेट, स्कैन कर दे सकेंगे टैक्स और कूड़ा बिल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Shimla News: घर के बाहर लगेगी क्यूआर प्लेट, स्कैन कर दे सकेंगे टैक्स और कूड़ा बिल
विज्ञापन
खास खबर...
राजधानी के हर घर के बाहर दिसंबर से यूनिक क्यूआर कोड प्लेट लगाने की है तैयारी
प्लेट लगाने के लिए देना होगा 100 रुपये शुल्क
प्लेट के क्यूआर में होगा भवन का सारा ब्योरा
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। राजधानी में हर घर के बाहर लगने वाली यूनिक क्यूआर कोड प्लेट में अब लोगों को कई ऑनलाइन सुविधाएं भी मिलेंगी। लोग घर के दरवाजे पर लगने वाली इस प्लेट के क्यूआर कोड को स्कैन कर अपना कूड़ा बिल और प्रॉपर्टी टैक्स भी ऑनलाइन जमा कर सकेंगे।
अभी यह दो सुविधाएं इससे जोड़ी जा रही हैं। आने वाले समय में बिजली और पानी बिल के भुगतान की सुविधा भी इसी प्लेट से मिल सकेगी। नगर निगम ने यह प्लेट तैयार कर दी है। दिसंबर से शहर में हर भवन के बाहर इसे लगाने की तैयारी है। इस प्लेट के बदले में लोगों को सौ रुपये शुल्क चुकाना होगा। नगर निगम के अनुसार शहर में करीब 60 हजार घरों, संस्थानों से कूड़ा उठता है। इन सभी के बाहर यह प्लेट लगाई जाएगी। इसमें लगने वाले क्यूआर कोड में भवन की पूरी जानकारी उपलब्ध होगी। भवन किसका है, कब से बना है, इसका कूड़ा बिल या टैक्स लंबित है या नहीं, इसकी पूरी जानकारी इस प्लेट के लगे क्यूआर कोड में मिलेगी। नगर निगम आयुक्त भूपेंद्र अत्री ने कहा कि जल्द ही यूनिक क्यूआर कोड प्लेट भवनों के बाहर लगाने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। अभी दो सेवाओं को इससे जोड़ा जा रहा है। इससे लोगों को सुविधा होगी।
ऐसे काम करेगी क्यूआर प्लेट
नगर निगम के अनुसार हर भवन का अलग क्यूआर कोड तैयार होगा। यह कोड नगर निगम अपनी टैक्स और कूड़ा बिल की सेवाओं से जोड़ेगा। हर माह जारी होने वाले बिल और इनके भुगतान इसमें अपडेट होते रहेंगे। भवन मालिक अपनी सुविधा के अनुसार इस प्लेट को अपने गेट या दरवाजे के बाहर लगवा सकता है। अतिरिक्त प्लेट लगाने के लिए नगर निगम से मांग की जा सकती है।
विज्ञापन
सुधरेगी सफाई व्यवस्था
हर घर के बाहर लगने वाली इन प्लेट से सफाई व्यवस्था भी सुधरेगी। सुबह घरों से कूड़ा उठाने वाले कर्मचारियों को इन्हें स्कैन करना अनिवार्य होगा। निगम प्रशासन के अनुसार इन्हीं के आधार पर कर्मचारियों की हाजिरी भी लगेगी। कर्मचारियों को स्मार्ट फोन या वॉच दी जाएगी। इससे नगर निगम को रोज पता लग जाएगा कि शहर के किस वार्ड में कितने घरों से कूड़ा उठा है।
विज्ञापन
राजधानी के हर घर के बाहर दिसंबर से यूनिक क्यूआर कोड प्लेट लगाने की है तैयारी
प्लेट लगाने के लिए देना होगा 100 रुपये शुल्क
प्लेट के क्यूआर में होगा भवन का सारा ब्योरा
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। राजधानी में हर घर के बाहर लगने वाली यूनिक क्यूआर कोड प्लेट में अब लोगों को कई ऑनलाइन सुविधाएं भी मिलेंगी। लोग घर के दरवाजे पर लगने वाली इस प्लेट के क्यूआर कोड को स्कैन कर अपना कूड़ा बिल और प्रॉपर्टी टैक्स भी ऑनलाइन जमा कर सकेंगे।
अभी यह दो सुविधाएं इससे जोड़ी जा रही हैं। आने वाले समय में बिजली और पानी बिल के भुगतान की सुविधा भी इसी प्लेट से मिल सकेगी। नगर निगम ने यह प्लेट तैयार कर दी है। दिसंबर से शहर में हर भवन के बाहर इसे लगाने की तैयारी है। इस प्लेट के बदले में लोगों को सौ रुपये शुल्क चुकाना होगा। नगर निगम के अनुसार शहर में करीब 60 हजार घरों, संस्थानों से कूड़ा उठता है। इन सभी के बाहर यह प्लेट लगाई जाएगी। इसमें लगने वाले क्यूआर कोड में भवन की पूरी जानकारी उपलब्ध होगी। भवन किसका है, कब से बना है, इसका कूड़ा बिल या टैक्स लंबित है या नहीं, इसकी पूरी जानकारी इस प्लेट के लगे क्यूआर कोड में मिलेगी। नगर निगम आयुक्त भूपेंद्र अत्री ने कहा कि जल्द ही यूनिक क्यूआर कोड प्लेट भवनों के बाहर लगाने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। अभी दो सेवाओं को इससे जोड़ा जा रहा है। इससे लोगों को सुविधा होगी।
विज्ञापन
ऐसे काम करेगी क्यूआर प्लेट
नगर निगम के अनुसार हर भवन का अलग क्यूआर कोड तैयार होगा। यह कोड नगर निगम अपनी टैक्स और कूड़ा बिल की सेवाओं से जोड़ेगा। हर माह जारी होने वाले बिल और इनके भुगतान इसमें अपडेट होते रहेंगे। भवन मालिक अपनी सुविधा के अनुसार इस प्लेट को अपने गेट या दरवाजे के बाहर लगवा सकता है। अतिरिक्त प्लेट लगाने के लिए नगर निगम से मांग की जा सकती है।
विज्ञापन
सुधरेगी सफाई व्यवस्था
हर घर के बाहर लगने वाली इन प्लेट से सफाई व्यवस्था भी सुधरेगी। सुबह घरों से कूड़ा उठाने वाले कर्मचारियों को इन्हें स्कैन करना अनिवार्य होगा। निगम प्रशासन के अनुसार इन्हीं के आधार पर कर्मचारियों की हाजिरी भी लगेगी। कर्मचारियों को स्मार्ट फोन या वॉच दी जाएगी। इससे नगर निगम को रोज पता लग जाएगा कि शहर के किस वार्ड में कितने घरों से कूड़ा उठा है।