{"_id":"615c90908ebc3ed095283d44","slug":"the-bally-briz-is-constructed-shimla-news-sml386262232","type":"story","status":"publish","title_hn":"घंडल में आज लोहे के ढांचे पर रखा जाएगा बैली ब्रिज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
घंडल में आज लोहे के ढांचे पर रखा जाएगा बैली ब्रिज
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नेशनल हाईवे शिमला-मंडी के जल्द बहाल होने के आसार, 90 फीसदी काम पूरा
क्रॉसर
लोनिवि का ढली डिविजन बनवा रहा पुल
बीस टन तक वजन के साथ वाहन गुजर सकेंगे
पुल का 28 सितंबर से शुरू था निर्माण कार्य
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। नेशनल हाईवे-205 शिमला-मंडी पर घंडल में क्षतिग्रस्त हुए हिस्से की जगह बन रहे बैली ब्रिज के लिए दोनों ओर पुल का मूल ढांचा बनकर तैयार हो गया है। बैली ब्रिज का 90 फीसदी कार्य पूरा हो चुका है।
एक छोर से दूसरे छोर तक रोलर से पुल का लोंचिंग नोज पहुंचाया जा रहा है। पुल 28 सितंबर से बनना शुरू हुआ था। लोनिवि के ढली मैकेनिकल डिविजन के 15 तकनीकी कर्मचारी और 15 मजदूर अधिकारियों की निगरानी में पुल का कार्य कर रहे हैं। लोनिवि के मौके पर मौजूद अधिकारियों के मुताबिक इस पुल को शनिवार तक तैयार करने का लक्ष्य रखा है। स्ट्रक्चर बन जाने पर लोनिवि एनएच पुल के दोनों ओर गाड़ियों के लिए रैंप बनाएगा जिससे गाड़ियां पुल तक पहुंचेगी। पुल से बीस टन तक वजन के साथ वाहन गुजर सकेंगे।
टीडीआर तकनीक से बन रहा है पुल
180 फुट लंबे और 3:27 मीटर चौड़ा पुल टीडीआर टेक्नोलॉजी से बन रहा है। इस तकनीक से अभी तक इस क्षेत्र में इतना लंबा पुल नहीं बना है। टीडीआर तकनीक (ट्रिप्पल पैनल डब्बल स्टोरी रिइनफोर्सड स्ट्रक्चर) में दोनों ओर तीन लेयर के दो मंजिल के मजबूत गाडर लगे होते हैं। इससे पुल की मजबूती और सुरक्षा कई गुणा बढ़ जाती है।
विज्ञापन
हेल्मेट पहनकर दिनभर काम
में डटे रहते हैं लोनिवि कर्मी
शिमला। समय 10:30 बजे। स्थान : नेशनल हाइवे-205 घंडल। क्षतिग्रस्त एनएच पर घंडल में शिमला की ओर से भारी भरकम पुल की निर्माण सामग्री उतारी गई। मजदूर हेल्मेट पहनकर बड़ी लोडिंग मशीन के सहारे पुल के हिस्सों को जोड़ने के काम में लगे हैं।
मैकेनिकल डिविजन के कर्मचारी और एसडीओ कमल शर्मा मजदूरों को काम को लेकर दिशा निर्देश दे रहे हैं। इसी बीच धामी सोलह मील की कुछ शिक्षिकाएं दूसरी ओर जाने को कह रही हैं। कहा कि पुल बनने से काफी राहत मिलेगी। एसडीओ ने उन्हें बनाए गए स्ट्रक्चर के पास से सुरक्षित दूसरी ओर पहुंचाया। पुल का स्ट्रक्चर लोचिंग नोज के साथ 170 फुट चढ़ा दिया है। इसके नीचे फिलहाल लकड़ी के गुटके लगाए हैं।
बनाए गए आधार पर उसे अभी तक नहीं रखा है। पुल का लोचिंग नोज महज दस से बारह फुट दूसरे छोर तक पहुंचाना शेष रहा है। समय 11: 45 बजे दो महिलाएं और एक युवक निर्माण स्थल से गुजर रहे हैं। अधिकारियों ने दूसरे वैकल्पिक रास्ते से उन्हें जाने की हिदायत दी। 12 बजे सोलह मील धामी कॉलेज के चार छात्र दीपक ठाकुर, गौरव ठाकुर, निखिल, अर्जुन ठाकुर कॉलेज की ओर जा रहे हैं।
उन्होंने बताया कि 12:20 बजे क्लास है। वह ट्रांसशिपमेंट से घंडल तक शिमला से आने वाली बस में सफर कर यहां से पैदल कॉलेज जाते हैं। इसी बीच 12 बजे लोनिवि मैकेनिकल डिविजन के अधिशासी अभियंता केके रावत मौके पर पहुंचे। वह सहायक अभियंता कमल शर्मा, लोनिवि के मौजूद एसडीओ नवीन कौंडल, जेई जितेंद्र शर्मा और एनएच के अधिकारी भूषण गुप्ता के साथ निर्माण संबंधित चरचा करने के बाद मजदूरों के पास पहुंचे।
लोहे की शीट जोड़ने के दिए निर्देश
पुल का पूरा स्ट्रक्चर दोनों ओर बने मजबूत आधार पर रोलर की मदद से रखने का कार्य बुधवार तक पूरा हो जाएगा। लोनिवि मैकेनिकल के एसई बीपी शर्मा ने अधिकारियों को बन चुके स्ट्रक्चर पर लोहे की शीट जोड़ने के निर्देश दिए। इससे मजदूरों को काम करवाने में आसानी होगी। रविवार या सोमवार तक वाहनों की आवाजाही शुरू हो सकती है।
विज्ञापन
क्रॉसर
लोनिवि का ढली डिविजन बनवा रहा पुल
बीस टन तक वजन के साथ वाहन गुजर सकेंगे
पुल का 28 सितंबर से शुरू था निर्माण कार्य
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। नेशनल हाईवे-205 शिमला-मंडी पर घंडल में क्षतिग्रस्त हुए हिस्से की जगह बन रहे बैली ब्रिज के लिए दोनों ओर पुल का मूल ढांचा बनकर तैयार हो गया है। बैली ब्रिज का 90 फीसदी कार्य पूरा हो चुका है।
एक छोर से दूसरे छोर तक रोलर से पुल का लोंचिंग नोज पहुंचाया जा रहा है। पुल 28 सितंबर से बनना शुरू हुआ था। लोनिवि के ढली मैकेनिकल डिविजन के 15 तकनीकी कर्मचारी और 15 मजदूर अधिकारियों की निगरानी में पुल का कार्य कर रहे हैं। लोनिवि के मौके पर मौजूद अधिकारियों के मुताबिक इस पुल को शनिवार तक तैयार करने का लक्ष्य रखा है। स्ट्रक्चर बन जाने पर लोनिवि एनएच पुल के दोनों ओर गाड़ियों के लिए रैंप बनाएगा जिससे गाड़ियां पुल तक पहुंचेगी। पुल से बीस टन तक वजन के साथ वाहन गुजर सकेंगे।
विज्ञापन
टीडीआर तकनीक से बन रहा है पुल
180 फुट लंबे और 3:27 मीटर चौड़ा पुल टीडीआर टेक्नोलॉजी से बन रहा है। इस तकनीक से अभी तक इस क्षेत्र में इतना लंबा पुल नहीं बना है। टीडीआर तकनीक (ट्रिप्पल पैनल डब्बल स्टोरी रिइनफोर्सड स्ट्रक्चर) में दोनों ओर तीन लेयर के दो मंजिल के मजबूत गाडर लगे होते हैं। इससे पुल की मजबूती और सुरक्षा कई गुणा बढ़ जाती है।
विज्ञापन
हेल्मेट पहनकर दिनभर काम
में डटे रहते हैं लोनिवि कर्मी
शिमला। समय 10:30 बजे। स्थान : नेशनल हाइवे-205 घंडल। क्षतिग्रस्त एनएच पर घंडल में शिमला की ओर से भारी भरकम पुल की निर्माण सामग्री उतारी गई। मजदूर हेल्मेट पहनकर बड़ी लोडिंग मशीन के सहारे पुल के हिस्सों को जोड़ने के काम में लगे हैं।
मैकेनिकल डिविजन के कर्मचारी और एसडीओ कमल शर्मा मजदूरों को काम को लेकर दिशा निर्देश दे रहे हैं। इसी बीच धामी सोलह मील की कुछ शिक्षिकाएं दूसरी ओर जाने को कह रही हैं। कहा कि पुल बनने से काफी राहत मिलेगी। एसडीओ ने उन्हें बनाए गए स्ट्रक्चर के पास से सुरक्षित दूसरी ओर पहुंचाया। पुल का स्ट्रक्चर लोचिंग नोज के साथ 170 फुट चढ़ा दिया है। इसके नीचे फिलहाल लकड़ी के गुटके लगाए हैं।
बनाए गए आधार पर उसे अभी तक नहीं रखा है। पुल का लोचिंग नोज महज दस से बारह फुट दूसरे छोर तक पहुंचाना शेष रहा है। समय 11: 45 बजे दो महिलाएं और एक युवक निर्माण स्थल से गुजर रहे हैं। अधिकारियों ने दूसरे वैकल्पिक रास्ते से उन्हें जाने की हिदायत दी। 12 बजे सोलह मील धामी कॉलेज के चार छात्र दीपक ठाकुर, गौरव ठाकुर, निखिल, अर्जुन ठाकुर कॉलेज की ओर जा रहे हैं।
उन्होंने बताया कि 12:20 बजे क्लास है। वह ट्रांसशिपमेंट से घंडल तक शिमला से आने वाली बस में सफर कर यहां से पैदल कॉलेज जाते हैं। इसी बीच 12 बजे लोनिवि मैकेनिकल डिविजन के अधिशासी अभियंता केके रावत मौके पर पहुंचे। वह सहायक अभियंता कमल शर्मा, लोनिवि के मौजूद एसडीओ नवीन कौंडल, जेई जितेंद्र शर्मा और एनएच के अधिकारी भूषण गुप्ता के साथ निर्माण संबंधित चरचा करने के बाद मजदूरों के पास पहुंचे।
लोहे की शीट जोड़ने के दिए निर्देश
पुल का पूरा स्ट्रक्चर दोनों ओर बने मजबूत आधार पर रोलर की मदद से रखने का कार्य बुधवार तक पूरा हो जाएगा। लोनिवि मैकेनिकल के एसई बीपी शर्मा ने अधिकारियों को बन चुके स्ट्रक्चर पर लोहे की शीट जोड़ने के निर्देश दिए। इससे मजदूरों को काम करवाने में आसानी होगी। रविवार या सोमवार तक वाहनों की आवाजाही शुरू हो सकती है।