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अवैध कटान के हंगामे पर भरमौरी ने तोड़ी चुप्पी
ब्यूरो/अमर उजाला, चंबा
Updated Thu, 18 Dec 2014 04:03 PM IST
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सड़क से सदन तक गर्म रहे अवैध कटान के मसले पर पहली मर्तबा वनमंत्री ठाकुर सिंह भरमौरी सामने आए हैं। उन्होंने अवैध कटान पर इस्तीफा देने से साफ इंकार कर दिया है। वनमंत्री ने चंबा में खास बातचीत के दौरान कहा कि भाजपा कार्यकाल के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल पर धारा 118 के उल्लंघन का आरोप लगा था।
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उन्होंने 16 विश्वविद्यालय एक ही जिला में स्वीकृत कर दिए। जब इन मुद्दों पर कांग्रेस ने उनका इस्तीफा मांगा था तो उन्होंने भी इस्तीफा नहीं दिया। जबकि अवैध कटान के जिस मसले को उनके इस्तीफे से जोड़ा जा रहा है वो छिटपुट घटना है और इस घटना पर इस्तीफा नहीं दिया जा सकता है। मामले की जांच जरूर हो रही है और जो भी दोषी होगा।
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उसे सरकार बख्शेगी नहीं। गौरतलब है कि शिमला के तारादेवी, चंबा के एलहमी व सिकरी धार वन रेंज में काटे गए पेड़ों पर विधानसभा में खूब हंगामा हुआ था। जिसके बाद वन विभाग ने सारे मामले की जांच शुरू की है। सरकार के आदेश पर वन विभाग व पुलिस संयुक्त रूप से मामले की जांच कर रहे हैं। इस मामले में अब तक वनरक्षक व रेंज आफिसर समेत चार लोग निलंबित हो चुके हैं।
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जबकि दो आरओ, एक चतुर्थ श्रेणी व दो अन्य दैनिक भोगियों समेत पांच कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी हुए हैं। एलहमी में 101, सिकरी बीट में अलग-अलग प्रजाति के 72 पेड़ जबकि रुपणी में देवदार के 29 पेड़ काटे जाने के संबंध में वन विभाग प्राथमिकी दर्ज करवा चुका है। इस मामले की जांच के लिए टीमों का गठन किया गया था।
लेकिन बर्फबारी की वजह से पुलिस या वन विभाग किसी की भी टीम कटानग्रस्त क्षेत्र तक नहीं पहुंच पाई है। वनमंत्री ठाकुर सिंह भरमौरी ने कहा कि पूरे प्रकरण की कानून के मुताबिक जांच हो रही है। सरकार इस मामले में निष्पक्षता से कार्रवाई करेगी। जो भी आरोपी होंगे उन्हें बख्शा नहीं जाएगा।