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रूसा में गलत विषय चुनने के फेर में फंसे युवा भी बन सकेंगे टीजीटी

Sat, 03 Oct 2020 09:33 AM IST
Krishan Singh अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
अमर उजाला नेटवर्क, शिमला Published by: Krishan Singh Updated Sat, 03 Oct 2020 09:33 AM IST
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TGT will also be able to become a youth trapped in choosing the wrong subject in RUSA
राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान

राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान (रूसा) के गलत सब्जेक्ट कांबिनेशन के फेर में फंसे हजारों युवाओं को बड़ी राहत मिल गई है। कॉलेज स्तर पर एक संकाय के दो मुख्य विषय और तीसरा विषय जमा दो कक्षा में पढ़ने वाले युवा अब टीजीटी भर्ती के लिए पात्र होंगे। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय (एचपीयू) की इक्वीलेंस कमेटी और शिक्षा निदेशालय की सिफारिश को प्रदेश सरकार ने मंजूर कर लिया है।  हिमाचल में जल्दबाजी में लागू किए राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान की खामियों की वजह से वर्ष 2013 से 2016 के दौरान स्नातक करने वाले हजारों युवा टीजीटी भर्ती के लिए अपात्र हो गए थे।

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रूसा सब्जेक्ट कांबिनेशन का टीजीटी भर्ती एवं पदोन्नति नियमों से मेल नहीं होने से यह समस्या आई थी। सरकार ने मामले को सुलझाने के लिए बीते साल नवंबर में विवि की एक इक्वीलेंस कमेटी गठित की थी। कमेटी ने जुलाई में अपनी रिपोर्ट प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय को सौंपी थी। रिपोर्ट में सिफारिश की गई थी कि विद्यार्थी ने एक संकाय के दो विषय कॉलेज में पढ़े हैं तो उसे एकमुश्त राहत देते हुए टीजीटी भर्ती के लिए पात्र माना जाए। शिक्षा निदेशालय ने इस सिफारिश में एक और शर्त जोड़ते हुए तीसरे मुख्य विषय को जमा दो कक्षा में पढ़ा हुआ होना शामिल कर दिया है। 
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साल 2016 से बदला सब्जेक्ट कांबिनेशन
साल 2013 में लागू किए रूसा सिस्टम के तहत विद्यार्थियों को च्वायस बेस क्रेडिट सिस्टम दिया था। विद्यार्थियों ने 2016 तक मेडिकल, नॉन मेडिकल और आर्ट्स के विषयों का कंबिनेशन बनाकर स्नातक कर ली। बीते साल टीजीटी भर्ती में यह विद्यार्थी गलत सब्जेक्ट कांबिनेशन के कारण अपात्र हो गए थे। साल 2016 में एचपीयू ने पूर्व निर्धारित सब्जेक्ट कांबिनेशन बदल दिए थे। यूजीसी की गाइडलाइन के मुताबिक नई व्यवस्था के तहत प्रावधान किया गया है कि मेडिकल, नॉन मेडिकल और आर्ट्स लेने वाले विद्यार्थियों को अपने विषय से जुड़े सब्जेक्ट पढ़ना जरूरी होंगे।

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