Himachal News: जल शक्ति विभाग में पांच लाख से कम के टेंडर अब ऑफलाइन होंगे
जल शक्ति विभाग में अब पांच लाख रुपये से कम के टेंडर ऑफलाइन होंगे। प्रदेश सरकार ने जल शक्ति विभाग को इस बारे में आदेश जारी कर दिए हैं। कांग्रेस सरकार के सत्ता में आते ही ऑफलाइन टेंडर पर रोक लगा दी थी।
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जल शक्ति विभाग में अब पांच लाख रुपये से कम के टेंडर ऑफलाइन होंगे। हिमाचल प्रदेश सरकार ने जल शक्ति विभाग को इस बारे में आदेश जारी कर दिए हैं। कांग्रेस सरकार के सत्ता में आते ही ऑफलाइन टेंडर पर रोक लगा दी थी। अब सरकार ने इनकी बहाली कर दी है। सरकार का मानना है कि इस फैसले से विकास कार्यों को गति मिलेगी। पानी की नई पाइपलाइन बिछाने, टैंक निर्माण आदि कार्य जल्द हो सकेंगे। पांच लाख से ज्यादा के टेंडर पहले की तरह ऑनलाइन ही होंगे। प्रदेश सरकार ने निर्माण कार्य के दौरान कनिष्ठ और अधिशाषी अभियंता को मौके पर मौजूद रहने को कहा है।
यह इसलिए कि ठेकेदार कार्य में गड़बड़ी न कर सकें। शिकायत मिलने पर अधिकारी और ठेकेदार दोनों के खिलाफ कार्रवाई होगी। जल शक्ति विभाग के सचिव अमिताभ अवस्थी ने कहा कि पांच लाख से कम के टेंडर पहले की तरह ऑफलाइन किए गए हैं। गोर हो कि जल शक्ति विभाग में हर साल करोड़ों के विकास कार्य किए जाते हैं। लोक निर्माण और जल शक्ति ऐसे दो महकमे हैं, जिनके लिए सबसे ज्यादा बजट खर्च होता है। वहीं, लोक निर्माण विभाग में पांच लाख तक के टेंडर करने की व्यवस्था ऑनलाइन की है। बताया जा रहा है कि इन टेंडर को भी ऑफलाइन किया जाना है।
हर घर में नल
प्रदेश सरकार का मानना है कि हिमाचल के हर घर में पानी का नल लगाया जाना है। जल जीवन मिशन के तहत अधिकांश घरों में इस सुविधा से जोड़ा गया है। लेकिन, जो परिवार इससे छूटे हैं, इनको भी इस सुविधा से जोड़ा जा रहा है।
बारिश न होने से गहराने लगा जल संकट हिमाचल में पानी का संकट गहराने लगा है। अगर मौसम के तेवर ऐसी ही रहे तो सप्ताह बाद स्थिति और भी गंभीर होगी। सरकार ने लोगों से पानी का सदुपयोग करने की बात कही है।