सतलुज में कूदीं दसवीं कक्षा में पढ़ने वाली दो छात्राएं, एक को बचाया
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जिला शिमला के सुन्नी की दसवीं कक्षा में पढ़ने वाली दो छात्राओं ने सोमवार को सतलुज नदी में छलांग लगा दी। एक छात्रा को बचा लिया गया है जबकि दूसरी का देर शाम तक पता नहीं चल पाया है।
सुन्नी स्कूल की छात्राओं ने एक साथ आत्महत्या का कदम क्यों उठाया, अभी यह स्पष्ट नहीं हो पाया है। बचाई गई छात्रा अभी बयान देने की हालत में नहीं है। उसे उपाचार के लिए आईजीएमसी शिमला लाया गया है।
छात्राओं के इस कदम से अभिभावक और स्कूल प्रबंधन भी हैरान है। पुलिस को मौके से किसी तरह का सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है। पुलिस के अनुसार सोमवार को दोनों छात्राएं घर से स्कूल के लिए निकली थीं, लेकिन वह स्कूल नहीं पहुंचीं।
दिन भर मंदिर के पास रहीं
वे सतलुज किनारे कालीघाट मंदिर के पास दिन भर रहीं। उसके बाद शाम पांच बजे छलांग लगा दी। मौके पर स्कूल बैग मिले हैं। शुरुआती जांच में कुछ चश्मदीदों ने उन्हें दिन में आपस में उलझते हुए भी देखा। उनसे पूछा भी गया कि वे यहां क्या कर रही हैं।
उसके बाद दोनों वहां से कुछ दूर चली गईं। अंधेरा होने के कारण दूसरी छात्रा को नहीं बचाया जा सका। एसपी शिमला सौम्या सांबशिवन ने बताया कि घटना की जानकारी मिली है। बचाई छात्रा बयान देने के काबिल नहीं है। घटना के कारणों की जांच की जा रही है।