एचआरटीसी पीसमील वर्करों के समर्थन में हड़ताल करेंगे तकनीकी कर्मचारी
एचआरटीसी संयुक्त समन्वय समिति ने भी सोमवार को पदाधिकारियों की बैठक बुलाई है। इसमें पीसमील वर्करों के समर्थन में जाने को लेकर फैसला लिया जाना है। समिति के सचिव खेमेंद्र गुप्ता ने इसकी पुष्टि की है। इनके हड़ताल में जाने से सवारियों का परेशानी होना स्वाभाविक है।
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हिमाचल पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) में तैनात पीसमील वर्करों की 10 दिन से चल रही हड़ताल का कोई समाधान नहीं निकला है। अब वर्कशॉप में तैनात तकनीकी कर्मचारियों ने भी इनके समर्थन में टूल डाउन हड़ताल करने का फैसला लिया है। 14 तक ये कर्मचारी पीस मील वर्करों के साथ गेट मीटिंग करेंगे। उसके बाद दो घंटे की हड़ताल में जाएंगे। एचआरटीसी संयुक्त समन्वय समिति ने भी सोमवार को पदाधिकारियों की बैठक बुलाई है। इसमें पीसमील वर्करों के समर्थन में जाने को लेकर फैसला लिया जाना है। समिति के सचिव खेमेंद्र गुप्ता ने इसकी पुष्टि की है। इनके हड़ताल में जाने से सवारियों का परेशानी होना स्वाभाविक है।
पीसमील कर्मचारियों के लिए नीति न बनाने का मामला अब तूल पकड़ने लगा है। इनकी हड़ताल बुधवार को 10वें दिन में प्रवेश कर गई। पीस मील कर्मचारियों की हड़ताल के बाद बसों की मरम्मत का काम एचआरटीसी के तकनीकी कर्मचारियों के कंधे पर है। इनके भी हड़ताल में आने से परिवहन सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं। निगम की वर्कशॉप में करीब तीन सौ बसें बिना मरम्मत खड़ी हो गई हैं। पीसमील वर्कर अनुबंध पर लाने की मांग कर रहे हैं। कर्मचारियों का कहना है कि जब तक सरकार की ओर से अनुबंध पर लाने के आदेश जारी नहीं किए जाते हैं, तब तक इन कर्मचारियों की हड़ताल जारी रहेगी। तकनीकी कर्मचारियों का मानना है कि पीस मील वर्करों के बिना वर्कशॉप में काम प्रभावित हो रही है। जगह-जगह बसें खड़ी हो गई हैं। क्षेत्रों में बस में खराब आने के कारण मौके पर जाने वाला कर्मचारी तक नहीं है।