मंडी: यूक्रेन से घर लौटते ही परिजनों के छलके आंसू, अब विद्यार्थियों को सताने लगी डिग्री की चिंता
यूक्रेन में फंसे हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले के महादेव और निहरी क्षेत्र के दो युवा सकुशल घर वापस लौट आए हैं। महादेव निवासी रोहित (18) और निहरी के सुशील कुमार (24) जब अपने घर पहुंचे तो खुशी में परिजन भावुक हो गए।
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यूक्रेन में फंसे हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले के महादेव और निहरी क्षेत्र के दो युवा सकुशल घर वापस लौट आए हैं। महादेव निवासी रोहित (18) और निहरी के सुशील कुमार (24) जब अपने घर पहुंचे तो खुशी में परिजन भावुक हो गए। रोहित, सुशील कुमार और उनके परिजनों ने यूक्रेन में फंसे लोगों की घर वापसी को लेकर किए जा रहे प्रयास के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर का आभार व्यक्त किया है। महादेव निवासी कृष्ण चंद्र के घर का इकलौता चिराग रोहित यूक्रेन में एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहा था। निहरी तहसील की ग्राम पंचायत बजीहण के फेगडू निवासी सुशील कुमार यूक्रेन एमबीबीएस के अंतिम सेमेस्टर में पढ़ रहा था। सुशील ने बताया कि यूक्रेन में हालात बद से बदतर हो चुके हैं। डिग्री को लेकर चिंता बढ़ गई है। केंद्र सरकार ही उनकी पढ़ाई पूरी कराने में मदद कर सकती है।
यूक्रेन में फंसे अंकुर, रिशिता पोलैंड की सीमा के लिए रवाना
वहीं, उपमंडल सुंदरनगर के दो बेटों की यूक्रेन से शुक्रवार को हुई सुरक्षित वापसी के बाद देर शाम एक और खुशखबरी आई है। यूक्रेन के खारकीव में पढ़ाई करने वाले सुंदरनगर के धनोटू निवासी अंकुर चंदेल और रिशिता शुक्रवार को बस के माध्यम से पोलैंड सीमा के निकट लवीव के लिए रवाना हो गए हैं। उन्हें वापसी के लिए भारी भरकम राशि अदा करनी पड़ी है। कंसल्टेंसी सर्विस जिसके माध्यम से वह यूक्रेन में पढ़ाई के लिए गए थे, ने उनको बस के माध्यम से लवीव के लिए भेजा है। पश्चिनो से वे बस के माध्यम से लवीव के लिए रवाना हुए हैं वहां पर पहुंचने के लिए करीब 16-20 घंटे का समय लग सकता है। अंकुर चंदेल ने पिता नरेश चंदेल ने बताया कि बेटे के अनुसार हालात बेहद खराब हैं। वहां से निकलने को रेलवे की कोई सुविधा न मिलने के बाद उन्हें बस से माध्यम से ही पोलैंड सीमा के लिए रवाना होना पड़ा है।