हिमाचल में ऑनलाइन होंगे 80 हजार शिक्षकों के तबादले, एनआईसी बनाएगा सॉफ्टवेयर
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हिमाचल के सरकारी स्कूल-कॉलेजों में नियुक्त 80 हजार से ज्यादा शिक्षकों के ऑनलाइन तबादले करने के लिए नेशनल इन्फॉरमेटिक सेंटर (एनआईसी) सॉफ्टवेयर तैयार करेगा। सरकार की मंजूरी के बाद शिक्षा विभाग ने एनआईसी से रिकॉर्ड साझा करना शुरू कर दिया है।
हरियाणा और पंजाब जैसी तबादला नीति बनाने का काम हिमाचल में शुरू हो गया है। शैक्षणिक सत्र 2020-21 से सरकार ने शिक्षकों के तबादलों को ऑनलाइन करने की तैयारी शुरू की है।
सॉफ्टवेयर विभिन्न मानकों के आधार पर नंबर देकर शिक्षकों के तबादले करेगा। महिला अध्यापक और थर्ड जेंडर के लिए 10 अंक रखे गए हैं। विधवा, तलाकशुदा और अविवाहित महिला अध्यापक जिनकी आयु 40 साल से ज्यादा है या जिनके पति सेना में हैं, उनके लिए भी 10 अंक रखे गए हैं।
अगर कोई महिला शिक्षक विधवा है और उसके एक या उससे ज्यादा छोटे बच्चे (माइनर) व कुंवारी बेटी है, तो उसके लिए 10 अंक रखे हैं। दिव्यांग और दुर्बलता रोग वाले शिक्षकों के लिए 20 अंक रखे गए हैं। बोर्ड परीक्षाओं में अच्छे अंक देने वाले अध्यापकों को पांच अंक मिलेंगे।
तबादला नीति से बाहर 15 हजार अस्थायी शिक्षक
राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय शिक्षक पुरस्कार पाने वालों को पांच अंक दिए जाएंगे। दुर्गम, दूरदराज और जनजातीय क्षेत्रों में सेवाएं देने वाले शिक्षकों को अधिक अंक मिलेंगे। सामान्य क्षेत्रों में नियुक्त शिक्षकों को कम अंक मिलेंगे।
इसके लिए प्रदेश को पांच जोन में बांटा गया है। सरकारी स्कूलों में नियुक्त करीब 25 हजार जेबीटी, 18 हजार सीएंडवी, 18 हजार टीजीटी और 20 हजार पीजीटी तबादला नीति के दायरे में आएंगे।
इससे तबादलों के लिए नेताओं की जी हजूरी की प्रथा खत्म हो जाएगी। 15 हजार अस्थायी शिक्षक तबादला नीति से बाहर रहेंगेे। कानूनी कारणों से सरकार इन शिक्षकों को नियमित नहीं कर पा रही है।
इसलिए 6500 पीटीए, 2200, पैरा, 3400 पैट और 2600 एसएमसी शिक्षकों को तबादला नीति से छूट रहेगी। इन शिक्षकों के स्थान पर नियमित शिक्षक न भेजने के लिए तबादला नीति में विशेष प्रावधान पर विचार हो रहा है।