वीरभद्र सरकार ने दिया तोहफा, अब इन शिक्षकों को भी मिलेगी पेंशन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
साल 2003 से पहले अनुबंध पर तैनात और बाद में नियमित हुए शिक्षकों को भी हिमाचल सरकार पेंशन देगी।
सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले को आधार मानते हुए प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय ने सभी जिला उपनिदेशकों से ऐसे शिक्षकों का रिकार्ड सात दिन में देने को कहा है। शिक्षकों की देनदारियों को भी निदेशालय चुकाने को तैयार हो गया है।
सुप्रीम कोर्ट में बिजली बोर्ड की एक महिला कर्मचारी का मामला लगा था। इस पर आए फैसले के आधार पर राज्य सरकार ने प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय को 15 मई 2003 से पहले अनुबंध पर नियुक्त शिक्षकों का पेंशन देने के लिए ब्योरा एकत्र करने के लिए आदेश जारी किए थे।
प्रति शिक्षक बनती है इतनी देनदारी
अब रिकॉर्ड जुटाकर निदेशालय इसे वित्त विभाग को भेजेगा। सरकार से मंजूरी के बाद वित्त विभाग पेंशन और देनदारी जारी करने के आदेश देगा। बताया जा रहा है कि शिक्षा विभाग पर प्रति शिक्षक करीब डेढ़ लाख की देनदारी भी बनती है। प्रारंभिक शिक्षा निदेशक ने
सभी जिला उपनिदेशकों से अनुबंध पर रखे गए शिक्षकों को दी जाने वाली देनदारियों का भी रिकॉर्ड मांगा है। बता दें कि 15 मई 2003 के बाद लगे कर्मचारियों को पेंशन लाभ नहीं मिलता है। सुप्रीमकोर्ट से आए फैसले से सैकड़ों शिक्षकों को बड़ी राहत मिली है।