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इस पॉलिसी को नहीं मिली मंजूरी, अगली कैबिनेट में होगा फैसला
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
Updated Tue, 06 Jun 2017 06:40 PM IST
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हिमाचल मंत्रिमंडल ने टी टूरिज्म पॉलिसी को मंजूरी नहीं दी। मंत्रिमंडल बैठक के सामने पॉलिसी रखी गई। इसमें बागवानों को अपने चाय बगीचों को विकसित करने के लिए उपदान समेत कई अन्य लाभ देने की प्रावधान किया गया है। कुछ खामियों के चलते अब इस पॉलिसी को संशोधित रूप में अगली कैबिनेट के सामने रखा जाएगा। उसी में चर्चा के बाद इसे मंजूरी दी जाएगी।
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मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह की अध्यक्षता में सोमवार को हुई बैठक में टी टूरिज्म पॉलिसी को रखा गया। इसके तहत प्रदेश के चाय बागानों में पर्यटन गतिविधियों को प्रोत्साहित करने लिए सरकारी सहायता देने पर चर्चा हुई। इसमें कई तरह की सब्सिडी और अन्य तरह के लाभ भी शामिल किए जाने हैं।
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दार्जिलिंग की पहाड़ियों की तर्ज पर हिमाचल में चाय बागवानों में पर्यटन गतिविधियों को विकसित किया जाना है। राजस्व मंत्री कौल सिंह ठाकुर ने बताया कि पॉलिसी का नया ड्राफ्ट तैयार किया जाएगा। उसी के बाद इसे अगली कैबिनेट में रखा जाएगा।
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पीटीए शिक्षकों को अनुबंध अध्यापकों के बराबर मिलेगा वेतन
हिमाचल में अनुबंध पर आने से रह गए 1350 पीटीए शिक्षकों को अनुबंध अध्यापकों के बराबर वेतन मिलेगा। पीटीए शिक्षक लंबे समय से इस मांग को उठा रहे थे।
पहले ये मामला कैबिनेट के एजेंडे में नहीं था। मंत्रिमंडल बैठक के समापन से ठीक पहले इसे अनुपूरक एजेंडे के रूप में रखा गया और कैबिनेट ने इसे बगैर चर्चा के मंजूरी दे दी। ये मालूम रहे कि 5000 पीटीए शिक्षक पहले ही कांट्रैक्ट पर आ गए हैं।