विधेयक पारित: सड़क तोड़ने, अनधिकृत खोदाई करने पर दोषी को दोबारा निर्माण लागत का पांच गुना जुर्माना देना होगा
सड़क तोड़ने, अनधिकृत खोदाई करने, पुल को नुकसान पहुंचाने या सड़क की अन्य संपत्ति को क्षति पहुंचाने पर दोषी से दोबारा निर्माण की लागत की पांच गुना तक राशि जुर्माने के रूप में वसूली जाएगी।
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हिमाचल प्रदेश में सड़क अवसंरचना को नुकसान पहुंचाना अब महंगा पड़ेगा। सड़क तोड़ने, अनधिकृत खोदाई करने, पुल को नुकसान पहुंचाने या सड़क की अन्य संपत्ति को क्षति पहुंचाने पर दोषी से दोबारा निर्माण की लागत की पांच गुना तक राशि जुर्माने के रूप में वसूली जाएगी। लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने गुरुवार को हिमाचल प्रदेश सड़क अवसंरचना संरक्षण संशोधन विधेयक 2026 को विधानसभा में पारित करने का प्रस्ताव किया। विधेयक को बिना चर्चा के ध्वनिमत के पास किया गया। लोक सुरक्षा के हित में प्राधिकृत अधिकारी को किसी सड़क या पुल पर वाहनों की आवाजाही अस्थायी रूप से प्रतिबंधित या बंद करने का अधिकार मिलेगा। सरकारी अधिकारियों के काम में बाधा डालने, अंतिम मांग आदेश का जानबूझकर भुगतान न करने या सड़क बंद करने संबंधी आदेश का उल्लंघन करने पर दो वर्ष तक कारावास और जुर्माने का प्रावधान किया गया है।
सवालों के जवाब न मिलने पर भाजपा ने जताई आपत्ति
सदन में सवालों के जवाब न मिलने पर भाजपा विधायक सुधीर शर्मा, राकेश जमवाल और लोकेंद्र कुमार ने आपत्ति दर्ज करवाई। उन्होंने कहा कि दो से तीन सत्रों के बाद भी जवाब न मिलना ठीक नहीं है। जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि आगामी बजट सत्र से पहले सभी जवाब उपलब्ध करवा दिए जाएंगे। विपक्षी सदस्य राजनीतिक लाभ के लिए प्रश्न पूछते हैं। उन्होंने कहा कि सरकार को सत्ता में आए 3 साल 8 महीने और 23 दिन हुए हैं और इस अवधि में लगातार सुधार के कार्य किए जा रहे हैं। सरकार चुनाव देखकर राजनीत नहीं करती, बल्कि जनता की सेवा करती है। विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने कहा कि करीब 1100 सवालों के जवाब उपलब्ध करवाए गए हैं। अगर आठ-दस सवालों के जवाब नहीं मिल पाए तो आपत्ति ठीक नहीं है।
मुख्यमंत्री आवास योजना में सिर्फ एक विधवा को मिला लाभ
विधानसभा में एकल नारियों, परित्यक्ताओं और विधवा महिलाओं के आवास अधिकारों का मुद्दा भी गूंजा। भाजपा विधायक इंद्रदत्त लखनपाल ने कहा कि बड़सर विधानसभा क्षेत्र में बीते तीन साल के दौरान मुख्यमंत्री आवास योजना में सिर्फ एक विधवा को लाभ मिला है। उन्होंने पूछा कि क्या क्षेत्र में और कोई भी पात्र नहीं मिला। जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार महिलाओं के सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण के लिए कई कल्याणकारी योजनाएं चला रही है। जो एकल नारी, परित्यक्ता अथवा विधवा महिलाएं मुख्यमंत्री आवास योजना का लाभ नहीं ले पाई हैं, वे प्रधानमंत्री आवास योजना सहित अन्य सरकारी आवास योजनाओं के तहत आवेदन कर सकती हैं। सरकार उनके आवेदनों पर संवेदनशीलता और प्राथमिकता के साथ विचार करेगी।