टीसीपी विधेयक में होगा संशोधन, मिलेगी बड़ी राहत
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जो लोग घरों की छोटी छत से परेशान हैं, उनके लिए अच्छी खबर है। सरकार भवनों की छत सेंटर से 1.7 मीटर करने जा रही है। वर्तमान में भवन की छत सेंटर से 1.5 मीटर स्वीकृत है। छत का साइज बढ़ाने के लिए टीसीपी विधेयक में संशोधन किया जा रहा है। साइज बढ़ने से छत ढलानदार होगी जिससे बर्फ जल्द पिघल जाएगी।
घर भी सुंदर दिखेंगे। टीसीपी विधेयक में संशोधन से सूबे के हजारों लोगों को फायदा होगा। टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग के मुताबिक भवन के बीच का आकार ही 1.7 मीटर होगा जबकि भवन के कोने जीरो करने होंगे। अगर कोई भवन मालिक कोने का साइज बढ़ाता है तो उसे टीसीपी से कंप्लीशन सर्टिफिकेट जारी नहीं होगा।
कमरे बनाए तो मानी जाएगी मंजिल
अगर कोई भवन मालिक एटिक में कमरे का निर्माण करता है तो उसे मंजिल माना जाएगा। टीसीपी संशोधित विधेयक में 70 फीसदी डेविएशन सहित 6 मंजिला तक भवन स्वीकृत हैं। टीसीपी नियमों के मुताबिक एटिक में कमरे का निर्माण नहीं किया जा सकता है।
मनमर्जी से बन रहीं छतें
प्रदेश में भवन मालिक मनमर्जी से छतें बनवा रहे हैं। शहरों में सैकड़ों भवन ऐसे हैं, जिनके कोने जीरो नहीं हैं। विभाग का कहना है कि इन भवन मालिकों को भी छत का आधार एक जैसा करना होगा।
भवनों के सेंटर से छत का साइज बढ़ाया जा रहा है। डेढ़ मीटर छत की ऊंचाई कम है, इसको 1.70 मीटर करने का प्रावधान है। टीसीपी संशोधित विधेयक में आकार को बढ़ाने की बात कही गई है। इससे हजारों लोगों को फायदा होगा।
- सुधीर शर्मा, शहरी विकास मंत्री