लग्जरी कारों के कारोबार में करोड़ों का टैक्स चोरी, सफेदपोशों ने दबाए रखा मामला
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हिमाचल में लग्जरी गाड़ियों के कारोबार में करोड़ों के टैक्स चोरी का बड़ा घोटाला सामने आया है। टैक्स ऑडिट यूनिट शिमला ने सूबे के छह शहरों मंडी, ऊना, नगरोटा, बैजनाथ, हमीरपुर और नूरपुर में संबंधित कारोबारी के शोरूमों में शुक्रवार को एक साथ छापेमारी की।
विभागीय टीमों ने कई अहम दस्तावेज जब्त कर लिए हैं। कारोबारी के तार सूबे के रसूखदार नेताओं से जुड़े बताए जा रहे हैं, जिसके चलते तीन साल तक जांच नहीं हो पाई।
सूत्रों के अनुसार सात लाख से लेकर 17 लाख की कीमत वाली गाड़ियों के कारोबारी ने जीएसटी लागू होने से पहले तीन साल में डेढ़ अरब का कारोबार किया। प्रारंभिक जांच के अनुसार कुल कारोबार की आधी रकम पर ही टैक्स चुकाया गया। विभाग अब एफआईआर दर्ज कराने पर विचार कर रहा है।
ऐसे की टैक्स चोरी
विभागीय सूत्रों के अनुसार कारोबारी की फर्म का मुख्यालय कांगड़ा में है, जबकि प्रदेश के छह बड़े शहरों में शोरूम हैं। प्रारंभिक जांच में सामने आ रहा है कि कारोबारी के तार पूर्व सरकार में बड़े पदों पर रहे नेताओं और रसूखदारों से जुड़े हैं।
यह कारोबारी विभाग के रडार पर था, लेकिन राजनीतिक पहुंच के चलते जांच आगे नहीं बढ़ी। सरकार बदलने पर जांच शुरू की गई। एक साथ छह शोरूमों में छापेमारी से यहां काम कर रहे कर्मचारियों में हड़कंप मच गया।
तीन सालों में आरोपी की फर्म ने डेढ़ अरब की कारों की खरीदारी की, लेकिन टैक्स लगभग आधी खरीद पर ही दिया। गाड़ियों की खरीद पर खर्च राशि को छिपाया गया, जिसके दस्तावेज विभाग के हाथ लग गए हैं। यह मामला उस वक्त का है जब वैट लगता था और कारों पर 13.75 फीसदी वैट था।
दर्ज होगी एफआईआर: संयुक्त आयुक्त
जांच में सामने आया है कि हमीरपुर को छोड़ सभी शहरों में शोरूम कारोबारी की अपनी जमीन पर हैं। विभाग जांच कर रहा है कि कहीं टैक्स चोरी के पैसे से जमीनों की खरीद तो नहीं की गई।
टैक्स ऑडिट यूनिट शिमला के प्रभारी संयुक्त आयुक्त डॉ. सुनील कुमार ने बताया कि रिकार्ड की जांच की जा रही है। जल्द कर और जुर्माने का खुलासा होगा। डेढ़ अरब की खरीद हुई है, जिसमें छिपाई गई आधी खरीद के दस्तावेज हाथ लगे हैं।
मामले की गंभीरता को देखते हुए विभाग एफआईआर दर्ज करवा सकता है। इस छापामारी में विभाग की टीमों में दक्षिण प्रवर्तन क्षेत्र परवाणू का पूरा स्टाफ, राजस्व जिला बद्दी के कई अधिकारी शामिल रहे।