स्वामी गौरीश्वरानंद का दावा, गलत योग सिखा रहे रामदेव
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योग गुरू के नाम से चर्चित बाबा रामदेव पर स्वामी गौरीश्वरानंद ने सीधा निशाना साधा है। स्वामी ने प्रेसवार्ता के दौरान दावा किया है कि योग गुरू का सम्मान एकमात्र महर्षि पातंजल ही पाने का पात्र है। बाकी कितने भी सिद्ध, महासिद्ध योगी हो वह योगाचार्य, योग के प्रचारक, योग साधक, योग प्रशिक्षक कहलाएंगे, उन्हें योग गुरू नहीं कहा जा सकता।
अगर कोई अपने नाम के आगे पीछे योग गुरू लिखते हैं तो महर्षि पातंजल का अपमान है। उन्होंने विश्व योग दिवस से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अनुरोध किया कि योग का गलत प्रचार में पूर्णतया रोक लगा दी जाए। कपालभाति प्राणायाम नहीं एक क्रिया है।
रामदेव योग सिखाएं न कि गलत
पातंजल योगदर्शन षड़दर्शन में एक दर्शन है। पांतजल को पतंजलि और योग को योगा कहना गलत है। योग का नाम लेते ही महर्षि पातंजल को याद करना चाहिए न कि रामदेव-वामदेव को। बाबा रामदेव योग के आदर्शों को छोड़ रहे हैं। रामदेव को अगर योग सिखाना
ही है तो वह सही योग तथा क्रियाएं सिखाएं न कि गलत। उन्होंने बताया कि योग भारतीय संस्कृति की प्राचीनतम पहचान है। उन्होंने बताया कि रामदेव की ओर से करवाए जा रहे अनुलोम विलोम को भी रोका जाए। अनुलोम विलोम नाड़ी शोधन का नाम है। विद्या, कला, ज्ञान बेचने की चीजें नहीं है।