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हिमाचल के नाहन से रहा सुषमा स्वराज का गहरा नाता
Thu, 08 Aug 2019 10:33 AM IST
Krishan Singh
हितेश शर्मा, अमर उजाला, नाहन(सिरमौर)
हितेश शर्मा, अमर उजाला, नाहन(सिरमौर)
Published by: Krishan Singh
Updated Thu, 08 Aug 2019 10:33 AM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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सिरमौर से भी पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज का गहरा नाता रहा है। दिवंगत सुषमा स्वराज व पूर्व मंत्री श्यामा शर्मा की मित्रता इतनी घनिष्ठ थी कि सुषमा के एम्स में दाखिल होने की खबर सुनते ही आधी रात को श्यामा शर्मा दिल्ली के लिए निकल पड़ीं। एम्स में जब वह पहुंचीं तब तक भारत की बेटी सुषमा स्वराज अंतिम सांसें ले चुकी थीं। राजनीतिक पृष्ठभूमि में भी दोनों ने एक साथ कदम रखा। वकालत करते वक्त सहपाठी के तौर पर शुरू हुई दोस्ती इस कदर परवान चढ़ी कि दोनों ही एक दूसरे के सुख व दुख के भी साथी बनीं।
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हाल ही में सुषमा स्वराज के किडनी ट्रांसप्लांट के समय भी श्यामा शर्मा उनके साथ रहीं। इससे पहले भी सुषमा व श्यामा का कदम-कदम पर साथ रहा। 1977 में पहली बार विधानसभा के चुनाव में सुषमा स्वराज ने अंबाला से चुनाव लड़ा और हिमाचल के नाहन विधानसभा क्षेत्र से श्यामा शर्मा को टिकट मिला।दोनों ने ही पहला चुनाव जीता। इसी दौरान दोनों वकालत भी कर रहीं थीं। वकालत के दौरान ही दोनों ने राजनीति में कदम रखा।
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दिल्ली से फोन पर पूर्व मंत्री श्यामा शर्मा ने अमर उजाला से विशेष बातचीत में बताया कि भारत की बेटी सुषमा स्वराज नेक दिल इंसान होने के साथ-साथ कर्तव्यनिष्ठ व ईमानदारी की मिसाल थीं। सुषमा का आज हमारे बीच न होना देश के लिए बड़ी क्षति है, जिसकी भरपाई करना मुश्किल है। उन्होंने बताया कि 2009 के लोकसभा चुनाव के दौरान जब सुषमा जनसभा को संबोधित करने सिरमौर के कोलर गांव पहुंचीं तो उनका चलना मुश्किल हो रहा था।
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उन्होंने हाथ पकड़ कर सुषमा स्वराज को सभा स्थल तक पहुंचाया। इस दौरान उनकी तबीयत भी कुछ सही नहीं थी। श्यामा शर्मा ने बताया कि सुषमा स्वराज न सिर्फ एक अच्छी छात्रा थीं बल्कि अपने राजनीतिक करिअर में भी उन्होंने बहुत कम उम्र में तरक्की पाई। महज 25 साल की आयु में उन्होंने 1977 में पहली बार हरियाणा के जिला अंबाला से विधानसभा का चुनाव जीता। उन्होंने कॉलेज के दिनों की यादें तरोताजा करते बताया कि सुषमा एक बेहतरीन वक्ता थीं। कॉलेज के दिनों में उन्होंने कई पुरस्कार जीते। हिंदी वक्ता के तौर पर भी उन्होंने कई सम्मान पाए।