सर्वे में खुलासा: हिमाचल के चंबा जिले में 2200 पहुंचा कुपोषित बच्चों का आंकड़ा
चंबा में 2200 कुपोषित बच्चों का आंकड़ा सामने आया है। गत माह में हुए सर्वे में यह खुलासा हुआ है।
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हिमाचल प्रदेश के जिला चंबा में 2200 कुपोषित बच्चों का आंकड़ा सामने आया है। गत माह में हुए सर्वे में यह खुलासा हुआ है। विभाग की ओर से आंगनबाड़ी स्टाफ के जरिये यह सर्वे करवाया था। इसमें बच्चों की ऊंचाई कम, मोटापा और सहित अन्य कमियां पाई गई हैं। महिला एवं बाल विकास विभाग ने सर्वे के आधार पर आगामी प्रयास शुरू कर दिए है। इसके तहत जहां जागरूकता कार्यक्रम किए जा रहे हैं तो वहीं, दूसरी तरफ अभिभावकों को बच्चों को पोषित आहार संबंधित जानकारी दी जा रही है। ताकि इन कुपोषित बच्चों को पोषित बच्चों की श्रेणी में लाया जा सकें।
बताया जा रहा है कि इतनी भारी संख्या में कुपोषित बच्चों की संख्या के बाद अब बच्चों को उचित खुराक देने के लिए प्रशासन भी प्रयासरत है। माना जा रहा है कि जल्द ही बच्चों को पोषित आहार के लिए उचित न्यूट्रीशन का प्रावधान भी हो सकता है। गौरतलब है कि महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर शून्य से पांच वर्ष के बच्चों का सर्वे किया जाता है। इसमें तमाम जानकारी जुटाई जाती है। सर्वे में बच्चों का भार, बच्चों की ऊंचाई समेत अन्य शामिल है। फील्ड स्टाफ की ओर से यह सर्वे करवाया जाता है। इसके तहत तमाम जानकारी को विभागीय कार्यालय में भेजा जाता है। लिहाजा, अब विभाग की ओर से उचित न्यूट्रीशन को लेकर अभिभावकों को जागरूक किया जा रहा है। ताकि, कुपोषण का खात्मा किया जा सकें।
डीसी ने ये कहा
उपायुक्त चंबा मुकेश रेपसवाल का कहना है कि कुपोषित बच्चों को पोषित की श्रेणी में लाने के लिए विभाग प्रयासरत है। विभाग से ताजा आंकड़ा लिया जाएगा और आगामी व्यवस्था बनाई जाएगी। महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी कमल किशोर शर्मा का कहना है कि सर्वे में बौनेपन के ज्यादा मामले है। इस बारे विभाग उचित प्रयास कर रहा है। न्यूट्रीशन दिया जा रहा है।