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नदियों पर बिजली परियोजनाओं के असर का होगा सर्वेक्षण, केंद्र को सौंपी जाएगी रिपोर्ट
अमर उजाला ब्यूरो, रामपुर बुशहर
Updated Tue, 22 May 2018 07:52 PM IST
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हिमाचल की नदियों पर बिजली परियोजनाओं के असर का जल्द ही सर्वेक्षण किया जाएगा। पर्यावरण मंत्रालय की टीम को सर्वेक्षण का जिम्मा सौंपा गया है।
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यह टीम अध्ययन के बाद एक साल के भीतर केंद्र सरकार को रिपोर्ट सौंपेगी। यह जानकारी मंगलवार को मीडिया से बातचीत में 412 मेगावाट परियोजना रामपुर के प्रमुख सुरेश ठाकुर ने दी।
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उन्होंने कहा कि 775 मेगावाट लूहरी परियोजना को तीन चरणों में बनाया जाएगा। पहले चरण में नीरथ के पास पावर हाउस और डैम बनेगा। दूसरा चरण मंडी जिला के नंच गांव के पास बनेगा और तीसरा सुन्नी डैम के पास बनेगा।
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उन्होंने कहा कि बिजली परियोजना पर प्रभावितों को एक फीसदी बिजली देने के मामले की जांच की जाएगी ताकि पात्र लोगों को ही एक फीसदी बिजली का लाभ मिल सके।
उन्होंने कहा कि परियोजना शुरू होने के बाद सीएसआर के तहत प्रभावित पंचायतों में विभिन्न विकासात्मक कार्य किए जा रहे हैं। इसके अलावा स्वच्छ विद्यालय अभियान के तहत जिला शिमला और कुल्लू के 177 स्कूलों में शौचालयों का निर्माण किया गया है।