रघुनाथ मंदिर अधिग्रहण पर सुप्रीम कोर्ट ने प्रदेश सरकार को दिया बड़ा झटका
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सुप्रीम कोर्ट ने प्रदेश सरकार को बड़ा झटका देते हुए भगवान रघुनाथ मंदिर अधिग्रहण पर रोक लगा दी है। मंदिर अधिग्रहण पर लगी रोक से देवसमाज में खुशी का माहौल है। पिछले माह 31 अगस्त को हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने महेश्वर सिंह की रघुनाथ मंदिर के अधिग्रहण के खिलाफ दी याचिका को खारिज कर दिया था।
बुधवार को सुप्रीम कोर्ट ने रघुनाथ के मुख्य छड़ीबरदार एवं सदर विधायक महेश्वर सिंह की सरकार के अधिग्रहण के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए अधिग्रहण पर रोक लगा दी है। इस मामले को लेकर अंतिम निर्णय तक यह रोक रहेगी।
रघुनाथ के मुख्य छड़ीबरदार महेश्वर सिंह ने अधिग्रहण पर रोक लगने की पुष्टि की है। जुलाई 2016 को प्रदेश सरकार ने भगवान रघुनाथ के मंदिर को ट्रस्ट बनाने का निर्णय लिया था। इसके बाद भगवान रघुनाथ के छड़ीबरदार महेश्वर सिंह ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की और कोर्ट ने अधिग्रहण को लेकर स्टे लगाया।
बैठक का किया था बहिष्कार
बाद में पूर्व मंत्री एवं महेश्वर सिंह के अनुज स्व. कर्ण सिंह भी अदालत पहुंचे और मामले को लेकर पार्टी बने, लेकिन 31 अगस्त को याचिका के रद्द होने के बाद प्रदेश सरकार के आदेश फिर से लागू हो गया था।
इसके बाद भगवान रघुनाथ मंदिर ट्रस्ट सक्रिय हुआ और दो सितंबर को रघुनाथ मंदिर ट्रस्ट के कमिश्नर एवं एडीसी कुल्लू राकेश शर्मा की अध्यक्षता में रघुनाथ परिसर में रघुनाथ मंदिर के सभी ट्रस्टियों के साथ एक बैठक का आयोजन किया।
जिसमें महेश्वर सिंह व रघुनाथ के कारदार दानवेंद्र सिंह शामिल नहीं हुए और बैठक का बहिष्कार किया था। रघुनाथ मंदिर ट्रस्ट ने इस बैठक को दशहरा उत्सव की तैयारियों का हवाला दिया था।
जिला देवी देवता कारदार संघ के जिला अध्यक्ष दोत राम ठाकुर तथा जिला सहसचिव भागे राम राणा ने कहा कि देव समाज के लिए सुप्रीम कोर्ट का आदेश स्वागत योग्य है।