सीएम ने किया था तीखा जुबानी हमला, दूसरे दिन ही मिलने पहुंच गए सुक्खू
मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के तीखे जुबानी हमले के दूसरे दिन ही कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष सुखविंद्र सिंह सुक्खू रक्षात्मक मुद्रा में आ गए। वे बुधवार सवेरे सीएम वीरभद्र सिंह के पास राज्य सचिवालय पहुंच गए।
बाहर आने पर सुक्खू बोले-सीएम के बयान पर मैं कोई कमेंट नहीं करूंगा। इसपर उनकी मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह से बात तक नहीं हुई। उन्होंने तो कांग्रेस पार्टी की विधानसभा चुनाव के लिए आगामी गतिविधियों पर ही चर्चा की।
बाद में राजीव भवन शिमला में जिला कांग्रेस ग्रामीण के नए अध्यक्ष रितेश कपरेट के कार्यभार ग्रहण करने के अवसर पर सुक्खू बोले कि ये निश्चित है कि दोबारा सरकार को सत्ता में लाने में संगठन अपनी अहम भूमिका निभाएगा।
उन्होंने जिला कांग्रेस ग्रामीण शिमला के अध्यक्ष को भी अपने जिले के वरिष्ठ नेताओं और तमाम कार्यकर्ताओं का सम्मान करने की सलाह दी। सुक्खू ने जिला कांग्रेस ग्रामीण अध्यक्ष रितेश कपरेट को कहा कि वे युवा हैं और उम्मीद है कि वे बेहतरीन काम करेंगे।
जब कोई आगे बढ़ता है तो उसे रोकने के लिए कई तरह के षड्यंत्र रचने वाले भी मिल जाते हैं। मगर दिमाग में लक्ष्य और दिल में आत्मविश्वास होना चाहिए। कांटों भरे रास्ते से चलकर ही आगे बढ़कर सफलता मिलती है। माना जा रहा है कि सुक्खू के दिल का दर्द सीएम से भेंट के बाद उनके इसी भाषण में झलका।
सीएम ने लगाए थे षड्यंत्र रचने के आरोप
मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने मंगलवार को सोलन के अर्की में कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष का नाम लिए बगैर कहा था कि पार्टी कार्यालय मेें बैठे रहने और षड्यंत्र रचने से संगठन नहीं चलता है। अध्यक्ष को कार्यालय से निकलकर लोगों के बीच पहुंचना होता है।
प्रदेश कांग्रेस कमेटी का काम अभी तक केवल दफ्तर से ही होता है। सीएम ने कहा था कि एक-दूसरे के खिलाफ षड्यंत्र रचकर कोई बड़ा नहीं हो सकता है। वे खुद पांच बार पार्टी के अध्यक्ष रह चुके हैं, लेकिन उन्होंने अपने वक्त में कभी भी इस तरह के हालात नहीं बनने दिए हैं।