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कांग्रेस में घमासान के बीच शिंदे से मिले सुखराम और ठाकुर कौल सिंह
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
Updated Thu, 07 Sep 2017 10:41 AM IST
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सरकार और प्रदेश कांग्रेस में मचे घमासान के बीच बुधवार को कांग्रेस प्रदेश प्रभारी सुशील कुमार शिंदे से कैबिनेट मंत्री ठाकुर कौल सिंह की मुलाकात हुई है। सूत्रों के अनुसार पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री पंडित सुखराम भी प्रभारी से मिले हैं, लेकिन इसकी पुष्टि हुई है।
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मुख्यमंत्री की सुक्खू हटाओ मुहिम के बीच शिंद की हिमाचल के दोनों वरिष्ठ नेताओं से अलग अलग मुलाकात के कई सियासी मायने निकल रहे हैं। वीरभद्र खेमे में भी इसको लेकर खासी हलचल है। इससे पहले मुख्यमंत्री ने दिल्ली में राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात की थी, लेकिन सुक्खू को हटाने पर कोई ठोस आश्वासन नहीं मिला है।
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प्रदेश प्रभारी सुशील कुमार शिंदे आठ सितंबर से हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले में आ रहे हैं। शिंदे कुछ समय से गृह राज्य महाराष्ट्र में थे, जिस दौरान हुए मानसून सत्र में सीएम ने विधायक दल की बैठक बुलाकर चुनाव नहीं लड़ने का एलान कर दिया।
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उनके समर्थन में कुछ विधायक और मंत्रियों ने भी हाईकमान को प्रदेश संगठन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते पत्र भेजा दिया। वीरभद्र के करीबी मंत्री प्रकाश चौधरी ने भी एलान किया कि सीएम चुनाव नहीं लड़ेंगे तो वे भी चुनाव में नहीं उतरेंगे।
इसके बाद 31 अगस्त को मुख्यमंत्री ने दिल्ली में सोनिया गांधी से मुलाकात कर अपनी नाराजगी जता दी। हाईकमान ने विवाद को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राहुल गांधी और प्रदेश प्रभारी सुशील कुमार शिंदे पर छोड़ दिया है। अब शिंदे दिल्ली लौटे हैं, तो सबसे पहले ठाकुर कौल सिंह ने उनसे मुलाकात की है। मौजूदा प्रदेश अध्यक्ष सुक्खू जिस स्थिति से गुजर रहे हैं, वैसे हालात कौल सिंह ने पिछले चुनाव के दौरान बतौर प्रदेश झेले हैं।
माना जाता है कि वीरभद्र की मुहिम से ठाकुर कौल की कुर्सी गई थी। ऐसे में सुखराम और कौल सिंह ठाकुर एक ही जिले से हैं। सुखराम के शिंदे के साथ पुराने संबंध हैं। वर्ष 1993 में दोनों केंद्रीय कैबिनेट का भी हिस्सा रहें हैं। दोनों नेता वीरभद्र खेमे के नहीं माने जाते हैं, लेकिन उनके धुर विरोधियों में भी शुमार नहीं है। दूसरी तरफ सुक्खू इनके करीबियों में रहे हैं।
शिंदे से मुलाकात को लेकर ठाकुर कौल सिंह ने बताया कि वे किसी काम से दिल्ली गए थे, प्रदेश प्रभारी के वहां होने की सूचना पर उनसे केवल औपचारिक मुलाकात की है। उन्होंने यह भी साफ किया कि वे अकेले मिलने गए थे। पंडित सुखराम और उनके बेटे कैबिनेट मंत्री अनिल शर्मा ने मुलाकात की पुष्टि नहीं की है।