फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Shimla News ›   success story of sapna verma of kullu.

बेटियों के लिए मिसाल है सपना की कहानी, पढ़ें जरूर

Mon, 04 May 2015 11:47 PM IST
Updated Mon, 04 May 2015 11:47 PM IST
विज्ञापन
success story of sapna verma of kullu.

सर्दी हो या गर्मी, जंगल के रास्ते से रोजाना 20 किलोमीटर का पैदल सफर कर जंगली जानवरों के खौफ के बीच स्कूल जाते थे। रात को भी स्कूल से कभी नौ तो कभी दस बजे घर पहुंचते थे। हमेशा यही डर सताता था कि घर पहुंचेंगे भी या नहीं।

विज्ञापन


हमारे इलाके में भालुओं का खौफ रहता है। सर्दियों के दिनों में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ता था। समाज के कुछ लोग कहते थे कि बेटी की किस्मत में घर संभालना ही लिखा है, लेकिन मेरे पिता रामलाल और माता प्रभा देवी ने इन सब बातों पर ध्यान न देकर आर्थिक तंगी के बावजूद मुझे पढ़ाया।
विज्ञापन


मैंने भी ठान लिया कि पढ़ लिखकर मैं पापा का सपना पूरा करुंगी। यह कहना है आनी के शुश निवासी सपना वर्मा का। पिताजी चंडीगढ़ में प्राइवेट नौकरी करते हैं।

पिता ने दिया मेरा साथ

success story of sapna verma of kullu.

कहती हैं कि हमारे घर की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं थी। जमा एक कक्षा में साइंस विषय पढ़ना चाहती थी, लेकिन पिताजी के पास इतने पैसे नहीं थे कि वे महंगी किताबें खरीदकर लाएं। इस वजह से मुझे सीनियर सेकेंडरी स्कूल दलाश में आर्ट्स में दाखिला लेना पड़ा। मेरे माता-पिता ने कभी बेटा और बेटी में कोई अंतर नहीं समझा। हमें पढ़ाने के लिए उन्होंने बहुत संघर्ष किया।

मेरी दसवीं तक की पढ़ाई शुश स्कूल से हुई। रोजाना स्कूल पैदल जाना पड़ता था। कभी-कभी तो रात को 9-10 बजे घर पहुंचते थे। इन कठोर परिस्थितियों के बावजूद कभी हिम्मत नहीं हारी। दलाश स्कूल से जमा दो की। घर की आर्थिक स्थिति ठीक न होने के चलते मेरी आगे की पढ़ाई को लेकर माता-पिता के बीच विवाद हुआ। इसके बाद पिता ने मुझे पढ़ाने का निर्णय लिया।

इसके बाद वर्ष 2014 में मैंने आनी कॉलेज में एडमिशन ली। वहीं से आगे की पढ़ाई कर रही हूं। आज बेटे और बेटी में फर्क समझने वाले उस समाज को अपनी सोच बदलने की जरूरत है। मुझे खुशी है कि मैंने ऐसे परिवार में जन्म लिया, जहां माता-पिता ने हर कदम पर मेरा साथ दिया। मुझे पढ़ने का शौक है। मैंने स्कूल और कॉलेज स्तर पर कई भाषण प्रतियोगिताओं में भाग लेकर पहला स्थान हासिल किया है। ये कहानी है कुल्‍लू के आनी के तहत आने वाले शुश की सपना वर्मा की।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed