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Shimla News: नगर निगम से मिली दुकानें किराये पर देकर कमाई कर रहे तहबाजारी
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उपनगरों से लेकर आजीविका भवन में आवंटित दर्जनों दुकानों को सबलेट करने की मिली शिकायत
नगर निगम को किराया तक नहीं दे रहे तहबाजारी, निगम प्रशासन ने बिठाई जांच
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। स्मार्ट सिटी मिशन के तहत राजधानी में तैयार की गई दर्जनों दुकानें तहबाजारियों ने सबलेट कर दी हैं। नगर निगम से मिली इन दुकानों को आगे किराये पर देकर तहबाजारी मोटी कमाई कर रहे हैं।
नगर निगम की नाक तले शहर में सबलेटिंग का यह खेल चल रहा है। हैरानी यह है कि कई तहबाजारी तो नगर निगम को भी किराया नहीं दे रहे। अब शिकायत होने पर नगर निगम प्रशासन ने इस पर जांच बिठा दी है। नगर निगम ने स्मार्ट सिटी मिशन के तहत विकासनगर में 14 नई दुकानें तैयार की थीं। स्थानीय पार्षद रचना भारद्वाज के अनुसार इन दुकानों को जिन तहबाजारियों को दिया गया था, वे अब गायब हैं। कई दुकानों को आगे सबलेट कर दिया गया है। पार्षद में सदन में भी इस पर सवाल उठाए थे। इसके बाद नगर निगम अब इनकी जांच करवाने जा रहा है।
इन बाजारों में भी चल रहा सबलेटिंग का खेल
नगर निगम के बनाए आजीविका भवन, सब्जी मंडी, लोअर बाजार, लक्कड़ बाजार समेत अन्य जगहों पर भी कई दुकानें सबलेट होने की शिकायतें सामने आ चुकी हैं। निगम से पांच से 10 हजार रुपये में मिली दुकानें आगे 50 से 70 हजार रुपये में सबलेट की जा रही हैं। नियमानुसार यदि कोई कारोबारी या तहबाजारी अपनी दुकान बिना मंजूरी के सबलेट करता है तो उसकी लीज रद्द हो सकती है, उससे दुकान वापस ली जा सकती है। लेकिन सबलेटिंग हुई है या नहीं, इसे प्रमाणित करना मुश्किल होता है। इसके अलावा नगर निगम भी किराया मिलने के कारण इन मामलों पर ज्यादा गंभीरता नहीं दिखाता है।
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सबलेटिंग की करेंगे जांच : भुवन
नगर निगम की दुकानें सबलेट होने को लेकर जो शिकायतें मिली हैं, इनकी जांच करवाई जा रही है। सबलेटिंग पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। -भुवन शर्मा, संयुक्त आयुक्त नगर निगम शिमला
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नगर निगम को किराया तक नहीं दे रहे तहबाजारी, निगम प्रशासन ने बिठाई जांच
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। स्मार्ट सिटी मिशन के तहत राजधानी में तैयार की गई दर्जनों दुकानें तहबाजारियों ने सबलेट कर दी हैं। नगर निगम से मिली इन दुकानों को आगे किराये पर देकर तहबाजारी मोटी कमाई कर रहे हैं।
नगर निगम की नाक तले शहर में सबलेटिंग का यह खेल चल रहा है। हैरानी यह है कि कई तहबाजारी तो नगर निगम को भी किराया नहीं दे रहे। अब शिकायत होने पर नगर निगम प्रशासन ने इस पर जांच बिठा दी है। नगर निगम ने स्मार्ट सिटी मिशन के तहत विकासनगर में 14 नई दुकानें तैयार की थीं। स्थानीय पार्षद रचना भारद्वाज के अनुसार इन दुकानों को जिन तहबाजारियों को दिया गया था, वे अब गायब हैं। कई दुकानों को आगे सबलेट कर दिया गया है। पार्षद में सदन में भी इस पर सवाल उठाए थे। इसके बाद नगर निगम अब इनकी जांच करवाने जा रहा है।
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इन बाजारों में भी चल रहा सबलेटिंग का खेल
नगर निगम के बनाए आजीविका भवन, सब्जी मंडी, लोअर बाजार, लक्कड़ बाजार समेत अन्य जगहों पर भी कई दुकानें सबलेट होने की शिकायतें सामने आ चुकी हैं। निगम से पांच से 10 हजार रुपये में मिली दुकानें आगे 50 से 70 हजार रुपये में सबलेट की जा रही हैं। नियमानुसार यदि कोई कारोबारी या तहबाजारी अपनी दुकान बिना मंजूरी के सबलेट करता है तो उसकी लीज रद्द हो सकती है, उससे दुकान वापस ली जा सकती है। लेकिन सबलेटिंग हुई है या नहीं, इसे प्रमाणित करना मुश्किल होता है। इसके अलावा नगर निगम भी किराया मिलने के कारण इन मामलों पर ज्यादा गंभीरता नहीं दिखाता है।
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सबलेटिंग की करेंगे जांच : भुवन
नगर निगम की दुकानें सबलेट होने को लेकर जो शिकायतें मिली हैं, इनकी जांच करवाई जा रही है। सबलेटिंग पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। -भुवन शर्मा, संयुक्त आयुक्त नगर निगम शिमला