हिमाचल में फर्राटेदार अंग्रेजी बोलेंगे सरकारी स्कूलों के विद्यार्थी, जानिए कैसे
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प्रदेश के सरकारी स्कूलों में छठी से बारहवीं कक्षा में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को फर्राटेदार अंग्रेजी बोलना सिखाया जाएगा। इसके लिए प्रदेश सरकार ने सूबे के 36 वरिष्ठ माध्यमिक स्कूलों में इंग्लिश लैंग्वेज लैब स्थापित करने का फैसला लिया है।
इस योजना के तहत विद्यार्थियों के साफ्ट स्किल सुधारे जाएंगे। सोमवार को समग्र शिक्षा अभियान के राज्य परियोजना निदेशालय में हुई समीक्षा बैठक में खुलासा हुआ। परियोजना निदेशक आशीष कोहली ने बताया कि पहले चरण में 36 स्कूलों का लैब खोलने के लिए चयन किया गया है।
अगले चरण में अन्य स्कूलों को योजना के तहत शामिल किया जाएगा। उन्होंने बताया कि इसके लिए निविदा प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। जल्द ही इसकी स्थापना स्कूलों में कर दी जाएगी। इन लैंग्वेज लैब में अंग्रेजी भाषा के सीखने को सॉफ्टवेयर के माध्यम से राज्य स्तर व जिला स्तर पर निगरानी की जाएगी।
यह सुनिश्चित किया जाएगा कि विद्यार्थियों में अंग्रेजी के साफ्ट स्किल उचित प्रकार से विकसित हो सकेें। निजी स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों का मुकाबला करने के लिए सरकार ने यह नई पहल की है।
इन स्कूलों में बनाई जाएगी लैब
जिला शिमला में लालपानी, बालूगंज, क्यार कोटी, केलवी, जिला बिलासपुर में दसलेहड़ा, घुमारवीं (छात्रा), बंदला, जिला चंबा में भरमौर (छात्रा), हिमगिरी, किहार, जिला हमीरपुर में बड़सर, बीड बघेरा, हमीरपुर (छात्र), जिला कांगड़ा में जसूर, ज्वालामुखी (छात्रा), रैहन, दैहन, दारंग, जमानाबाद, जिला किन्नौर में
उरनी, जिला कुल्लू में मोहल, फोजल, लूहरी, जिला मंडी में करसोग, बागा चनोगी, भुगरोटू (छात्रा), गडागुसांई, जिला सिरमौर में बासनी, मोगीनंद, बकरास, जिला सोलन में भोजनगर, सायरी, बथलांग और जिला ऊना में बढेरा, कुठरकलां व अंदौरा स्कूल को लैब स्थापित करने के लिए चुना गया है।