इस सर्टिफिकेट के बिना रेगुलर नहीं हो पाएंगे भवन
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हिमाचल में बिना स्ट्रक्टर स्टेबिलिटी सर्टिफिकेट अवैध भवन नियमित नहीं होंगे। अवैध भवन मालिकों को यह रिपोर्ट इंजीनियर से लेनी होगी। इंजीनियर भवन के स्ट्रक्चर की जिम्मेवारी अपने ऊपर लेगा। भवन कितना मजबूत है, कंस्ट्रक्शन के दौरान पिल्लर और लेंटर में सरिया किस हिसाब से डाला गया, भवन की गुणवत्ता, कैपेसिटी की विस्तृत रिपोर्ट, इंजीनियर की डिग्री और डिप्लोमा की
फोटोस्टेट कॉपी स्ट्रक्चर स्टेबिलिटी सर्टिफिकेट के साथ लगेगी। टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग ने यह फैसला इसलिए लिया है कि अगर भवन डैमेज हो जाता है या गिर जाता है तो उसकी पूरी जिम्मेवारी इंजीनियर की होगी। बीते दो दिन पहले टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग की बैठक में मामले पर चर्चा की गई।
क्या कहते हैं शहरी विकास मंत्री
बैठक में सरकारी प्लानरों के अलावा प्रदेश के निजी प्लानर और इंजीनियर भी उपस्थित थे। भवनों के लिए नियम और कानून के बारे में विस्तृत चर्चा हुई। इसमें निजी प्लानरों को लोगों के नक्शे टीसीपी कार्यालय में जमा करने की बात कही गई। नक्शे 1000 रुपये फीस के साथ जमा होंगे।
जेई को मौके पर रिपोर्ट बनाने के निर्देश
नक्शा विभाग में जमा होने के बाद टीसीपी के जूनियर इंजीनियरों मौके पर जाने के निर्देश दिए हैं। अगर मौके पर कुछ है और नक्शे में कुछ दर्शाया गया है तो इसमें जूनियर इंजीनियर पर कार्रवाई होगी।
अवैध भवन मालिकों को अपना भवन नियमित कराने के लिए स्ट्रक्टर स्टेबिलिटी सर्टिफिकेट होना अनिवार्य किया गया है। यह प्रमाण पत्र इंजीनियर से लेना होगा। -सुधीर शर्मा, शहरी विकास मंत्री