{"_id":"6aa416df6929ed109f0e08de","slug":"strike-of-bank-employees-shimla-news-c-19-sml1002-785008-2026-09-11","type":"story","status":"publish","title_hn":"Shimla News: बैक कर्मियों ने की हड़ताल, ठप रहा कामकाज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Shimla News: बैक कर्मियों ने की हड़ताल, ठप रहा कामकाज
विज्ञापन
उपायुक्त कार्यालय के बाहर गरजे बैंक कर्मी व अधिकारी
पांच दिवसीय कार्य सप्ताह की बैंकिंग व्यवस्था लागू करने की उठाई मांग
एटीएम, नेट बैंकिंग, ऑनलाइन सेवाओं के माध्यम से किया ग्राहकों ने कैश संबंधी लेन-देन
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन (यूएफबीयू) के बैनर तले पांच दिवसीय कार्य सप्ताह व अन्य लंबित मांगों को लेकर शुक्रवार को सरकारी क्षेत्र के बैंक कर्मी हड़ताल पर रहे। राजधानी शिमला की बैंक शाखाओं में कामकाज ठप रहा। एटीएम सेवाओं और नेट बैंकिंग व ऑनलाइन सेवा के माध्यम से ही बैंकों में पैसों का लेन-देन, बैंक संबंधित कार्य हुए। हड़ताल पर गए बैंक कर्मियों की सभी यूनियनों के पदाधिकारियों, कर्मचारियों और अधिकारियों ने यूएफबीयू के बैनर तले राजधानी शिमला में उपायुक्त कार्यालय के बाहर धरना-प्रदर्शन और नारेबाजी की। इस दौरान पांच दिवसीय कार्य सप्ताह की बैंकिंग व्यवस्था लागू करने की प्रमुख मांग को केंद्र सरकार की ओर से न माने जाने पर कर्मचारियों का गुस्सा फूटा। कर्मचारियों ने केंद्रीय वित्त मंत्रालय और केंद्र सरकार के खिलाफ और अपनी लंबित मांगों के समर्थन में जमकर नारेबाजी की।
यूएफबीयू के राज्य संयोजक नरेंद्र शर्मा, एआईबीओसी राज्य अध्यक्ष आशुतोष शर्मा, राज्य सचिव खेमराज वर्मा, वरिष्ठ उपाध्यक्ष दिनेश शर्मा, आयोजन सचिव सिद्धार्थ जारेट और एसबीआई ऑफिसर एसोसिएशन के राज्य अध्यक्ष दीपक कुमार ने कहा कि सरकार से वार्ता के बावजूद उनकी मांगों को आज तक पूरा नहीं किया गया। बैंक कर्मचारियों को मजबूरन आंदोलन पर उतरना पड़ा। प्रदर्शन में 300 से अधिक बैंक कर्मचारियों और अधिकारियों ने भाग लिया।
फोरम और यूनियनों के पदाधिकारियों ने मुख्य रूप से पांच दिवसीय कार्य सप्ताह की बैंकिंग व्यवस्था को लेकर कहा कि इंडियन बैंक्स एसोसिएशन (आईबीए) और बैंक यूनियनों के बीच मार्च 2024 में समझौता हुआ था। ढाई साल बीत जाने पर भी इसका कार्यान्वयन नहीं हुआ। केंद्र सरकार के कार्यालयों, जिला कार्यालयों, न्यायालयों, आयकर कार्यालयों, शेयर बाजार और भारतीय रिजर्व बैंक में पांच कार्य दिवस की व्यवस्था लागू है। बार-बार आश्वासन दिए जाने के बावजूद मांग लंबित रहने से कर्मचारियों में भारी रोष है। कहा कि आरबीआई और एलआईसी समेत अनेक संस्थानों में पांच कार्य दिवस की व्यवस्था लागू है। यूएफबीयू ने एकतरफा एवं भेदभावपूर्ण प्रदर्शन मूल्यांकन (पीएलआई) व्यवस्था का भी विरोध किया।
विज्ञापन
कहा कि यदि लंबित मुद्दों का समाधान नहीं किया गया तो 28, 29 एवं 30 सितंबर को पुनः हड़ताल की जाएगी। इसके बावजूद मांगें न मानी गईं तो 26 अक्तूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल होगी।
विज्ञापन
पांच दिवसीय कार्य सप्ताह की बैंकिंग व्यवस्था लागू करने की उठाई मांग
एटीएम, नेट बैंकिंग, ऑनलाइन सेवाओं के माध्यम से किया ग्राहकों ने कैश संबंधी लेन-देन
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन (यूएफबीयू) के बैनर तले पांच दिवसीय कार्य सप्ताह व अन्य लंबित मांगों को लेकर शुक्रवार को सरकारी क्षेत्र के बैंक कर्मी हड़ताल पर रहे। राजधानी शिमला की बैंक शाखाओं में कामकाज ठप रहा। एटीएम सेवाओं और नेट बैंकिंग व ऑनलाइन सेवा के माध्यम से ही बैंकों में पैसों का लेन-देन, बैंक संबंधित कार्य हुए। हड़ताल पर गए बैंक कर्मियों की सभी यूनियनों के पदाधिकारियों, कर्मचारियों और अधिकारियों ने यूएफबीयू के बैनर तले राजधानी शिमला में उपायुक्त कार्यालय के बाहर धरना-प्रदर्शन और नारेबाजी की। इस दौरान पांच दिवसीय कार्य सप्ताह की बैंकिंग व्यवस्था लागू करने की प्रमुख मांग को केंद्र सरकार की ओर से न माने जाने पर कर्मचारियों का गुस्सा फूटा। कर्मचारियों ने केंद्रीय वित्त मंत्रालय और केंद्र सरकार के खिलाफ और अपनी लंबित मांगों के समर्थन में जमकर नारेबाजी की।
यूएफबीयू के राज्य संयोजक नरेंद्र शर्मा, एआईबीओसी राज्य अध्यक्ष आशुतोष शर्मा, राज्य सचिव खेमराज वर्मा, वरिष्ठ उपाध्यक्ष दिनेश शर्मा, आयोजन सचिव सिद्धार्थ जारेट और एसबीआई ऑफिसर एसोसिएशन के राज्य अध्यक्ष दीपक कुमार ने कहा कि सरकार से वार्ता के बावजूद उनकी मांगों को आज तक पूरा नहीं किया गया। बैंक कर्मचारियों को मजबूरन आंदोलन पर उतरना पड़ा। प्रदर्शन में 300 से अधिक बैंक कर्मचारियों और अधिकारियों ने भाग लिया।
विज्ञापन
फोरम और यूनियनों के पदाधिकारियों ने मुख्य रूप से पांच दिवसीय कार्य सप्ताह की बैंकिंग व्यवस्था को लेकर कहा कि इंडियन बैंक्स एसोसिएशन (आईबीए) और बैंक यूनियनों के बीच मार्च 2024 में समझौता हुआ था। ढाई साल बीत जाने पर भी इसका कार्यान्वयन नहीं हुआ। केंद्र सरकार के कार्यालयों, जिला कार्यालयों, न्यायालयों, आयकर कार्यालयों, शेयर बाजार और भारतीय रिजर्व बैंक में पांच कार्य दिवस की व्यवस्था लागू है। बार-बार आश्वासन दिए जाने के बावजूद मांग लंबित रहने से कर्मचारियों में भारी रोष है। कहा कि आरबीआई और एलआईसी समेत अनेक संस्थानों में पांच कार्य दिवस की व्यवस्था लागू है। यूएफबीयू ने एकतरफा एवं भेदभावपूर्ण प्रदर्शन मूल्यांकन (पीएलआई) व्यवस्था का भी विरोध किया।
विज्ञापन
कहा कि यदि लंबित मुद्दों का समाधान नहीं किया गया तो 28, 29 एवं 30 सितंबर को पुनः हड़ताल की जाएगी। इसके बावजूद मांगें न मानी गईं तो 26 अक्तूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल होगी।